सूबे में सरकार की बेरोजगारी भत्ता योजना तो अब बंद
हो गई, पर सेवायोजन कार्यालय अब बेरोजगारों के लिए नई राह खोलने लगा है।
जिले के सैकड़ों युवाओं को दफ्तर के मार्फत नौकरी मिल गई। हालांकि, जिले
में ऐसे तमाम बेरोजगार है जिनका सेवायोजन कार्यालय में पंजीकरण है।
कई ने
तो बेरोजगारी भत्ते को पंजीकरण कराया, पर कई ऐसे भी हैैं, जिनका मकसद
बेरोजगारी भत्ता न लेकर रोजगार पाना है। इनके लिए सेवायोजन कार्यालय नई
राहें भी खोल रहा है और उनके लिए तमाम रोजगार परक कोर्सों का संचालन करने
के साथ ही रोजगार मेलों के माध्यम से रोजगार दे रहा है।
साल के अंत तक एक
बार फिर रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। उधर, सेेवायोजन कार्यालय पर
बेरोजगारी भत्ता करने वाले युवाओं का मेला करीब दो से ढाई माह तक लगा रहा।
जिले के सभी विकास खंडों व ग्रामीण क्षेत्रों से आए युवक-युवतियों ने
बेरोजगारी भत्ते से पूर्व अपना पंजीकरण कराया।
जिसको लेकर अब तक जिले में
107019 बेरोजगार युवक-युवती पंजीकृत हो चुके हैं। जिसमें से 78,855 युवक और
28,164 युवतियों ने पंजीकरण कराया। उधर, 564 नवीन पंजीयन भी जुलाई माह तक
किए गए हैं। इसी तरह पंजीकरण के सापेक्ष जितनों ने बेरोजगारी भत्ते को
आवेदन किया तो उनमें से सभी आवेदित बेरोजगारों को भत्ता नहीं दिया जा सका।
जिले में सिर्फ 38,251 बेरोजगार युवक-युवतियों को भत्ता मिला। जिसमें
19,071 पुरुष और 18,180 महिलाएं शामिल हैं। जिसके बाद अब बेरोजगारी भत्ता
बंद कर दिया गया। सेवायोजन कार्यालय में वर्ष 15 तक अभी तक चार रोजगार मेला
आयोजित किए गए, जिसमें कई इंडस्ट्रीज और सर्विस एजेंसियों ने करीब 369
बेरोजगारों को नौकरी दी है।
तत्कालीन जिला सेवायोजन अधिकारी कौशलेंद्र सिंह
द्वारा रोजगार मेलों के आयोजन के काफी प्रयास किए गए, वहीं दो दिन पहले भी
दो रोजगार मेला आयोजित किए गए।