बिजली का कम प्रयोग करने पर भी भारी भरकम बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें जल्द ही प्रीपेड मीटर से बिजली मिलने जा रही है। अधीक्षण अभियंता ने मुख्य अभियंता को पत्र भेजकर 500 मीटर की डिमांड की है।
प्रथम चरण में झुग्गी झोपड़ी, मलिन बस्तियों में मीटर लगाने की योजना बनाई गई है।बिजली निगम के अफसरों के निरीक्षण में कई बार उपभोक्ता बिजली की चोरी न करते हुए भी मीटर से छेड़छाड़ के मामले में फंस जाते हैं।
इतना ही नहीं मीटर रीडिंग लेने वाले कर्मचारी उपभोक्ताओं के साथ मिलकर मीटर से छेड़छाड़ कर निगम को राजस्व चूना लगा देते हैं। वहीं, कई बार उपभोक्ता बिजली खर्च न करने पर भी भारी बिल आने की शिकायत करते रहते हैं।
इन समस्या से उभरने का इंतजाम निगम की ओर से कर लिया गया है। जल्द ही नगर में उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटरों के माध्यम से आपूर्ति दिलाई जाएगी। इन मीटरों की खासियत यह है उपभोक्ता जितनी धनराशि का रिचार्ज करायेगा उसे उतनी ही बिजली मिलेगी,
धनराशि खत्म होने पर स्वयं ही आपूर्ति मिलनी बंद हो जायेगी। उपभोक्ता मीटर के साथ छेड़छाड़ भी नहीं कर सकेंगे।प्रथम चरण में झुग्गी झोपड़ी, मलिन बस्तियों में मीटर लगाने की योजना बनाई गई है। क्योंकि इन स्थानों पर बिजली का दुरुपयोग सबसे ज्यादा है,
कई बस्तियों में मीटर नहीं हैं, केबिल के माध्यम से उन्हें बिजली मिलती है। अधीक्षण अभियंता भूदेव प्रसाद ने बताया कि मुख्य अभियंता से 500 प्रीपेड मीटर की डिमांड की गई है। जल्द ही मीटर मिलने की संभावना है। प्रीपेड मीटर से उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का प्रयोग कर सकेंगे।