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जहरीली हवा में कैसे सांस ले रहे हैं ग्रामीण

Wed, 07 Sep 2016 08:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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प्रदूषण - फोटो : अमर उजाला
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रामपुर रोड पर स्लाटर हाउस व बंद पड़ी हड्डी मिलों का बुधवार को निरीक्षण करने पहुंची पीसीबी (प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ) की टीम वहां के प्रदूषण को देख दंग रह गई। अधिकारियों को वहां सांस लेना मुश्किल हो गया। कुछ पल ही टीम बंद कट्टीघरों का बाहर से निरीक्षण कर सकी।
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हालांकि स्लाटर हाउस में करीब दो घंटा तक निरीक्षण चला। तीन से चार दिन में टीम इसकी रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी के समक्ष प्रस्तुत करेगी। दूषित और जहरीली हवा से परेशान अफसर ज्यादातर समय मुंह पर रुमाल लगाए रहे।

रामपुर रोड पर स्लाटर हाउस व अवैध तरीके कट्टी घरों से दर्जनों गांवों के लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है। हवा के साथ तेज दुर्गंध मीलों दूर बसे गांवों तक का हवा को दूषित कर रही है। कई बार ग्रामीण स्लाटर हाउस व कट्टी घरों को बंद कराने की मांग कर चुके हैं।
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प्रशासन की सांठगांठ से इन कट्टीघरों को धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। बुधवार को एनजीटी के आदेश पर सीपीसीबी और एसपीसीबी के अधिकारी व रामपुर के दो ग्रामीणों की सात सदस्य टीम ने स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया।

इससे पूर्व टीम बंद पड़े कट्टी घरों के बाहर पहुंची तो बदबू के कारण उन्हें सांस लेना मुश्किल हो गया। कुछ ही पल जांच टीम कट्टी घरों का बाहर से निरीक्षण कर सकी। इसके बाद स्लाटर हाउस में पहुंच गई, वहां करीब दो घंटे तक निरीक्षण चला। दर्जनों गांवों के ग्रामीण अधिकारियों से इस नरक से छुटकारा दिलाने की गुहार लगाते रहे।

ग्रामीणों की ओर से एनजीटी में याचिका डालने वाले सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि रामपुर रोड पर स्लाटर हाउस, बंद हड्डी मिलों से गंदगी, दुर्गंध के कारण लोगों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है।

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने एनजीटी को गलत रिपोर्ट सौंपकर गुमराह कर दिया। इस अनुरोध पर अब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम को जांच के लिए भेजा गया है।

रामपुर रोड पर दर्जनों हड्डी मिल सरकारी रिकार्ड में तो बंद हैं, लेकिन चोरी छिपे उनमें धड़ल्ले से काम चल रहा है। बुधवार को प्रदूषण नियंत्रण की टीम ने निरीक्षण किया तो सभी मिलों के गेट पर ताले जड़े थे, जबकि अंदर पशुओं के ताजे अवशेष पड़े थे।

निरीक्षण टीम अंदर जाकर जांच करने की हिम्मत नहीं जुटा सकी। बंद हड्डी मिलों में अवैध कटान की हकीकत वहां की नालियों में बह रहा खून बयां कर रहा था। निरीक्षण टीम में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एडिशनल डायरेक्टन गुरनाम सिंह, वैज्ञानिक यशुधन, विवेक कुमार,

उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से क्षेत्रीय अधिकारी पारसनाथ व सहायक अभियंता जेबी सिंह, रामपुर निवासी जयप्रकाश व नीरजन सिंह शामिल रहे। स्लाटर हाउस के संचालक से इसके संचालन के लिए संबंधित विभाग की एनओसी मांगी गई तो संचालक ने आवेदन करने का हवाला दिया, इस पर एडिशनल कमिशन भड़क उठे।
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