संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। गांव लालपुर निवासी महेशवीर को जिंदा होने के बावजूद दस्तावेजों में मृत दर्शा दिया गया। सत्यापन के दौरान सरकारी विभाग के कर्मचारियों ने यह खेल किया। पिछले करीब एक साल से बुजुर्ग खुद को जिंदा साबित करने के लिए विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
तहसील दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र में महेशवीर ने बताया कि वह वृद्ध एवं बेसहारा व्यक्ति है। परिवार में उसके अलावा कोई नहीं है। आय का भी कोई स्त्रोत नहीं है। समाज कल्याण विभाग से उसे वृद्ध पेंशन मिलती ती। लेकिन पिछले साल अक्तूबर में उसके जीवित होते हुए भी मृत घोषित कर पेंशन बंद कर दी। अब पीड़ित खुद को जिंदा दर्शाकर उसकी पेंशन चालू कराने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहा है। भाकियू किसान यूनियन (अराजनैतिक) राजवीर सिंह भाटी ने अधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की जांच कराकर वृद्ध की वृद्धा पेंशन चालू कराई जाए और गलत सत्यापन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। एसडीएम सुनीता सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराकर वृद्ध की पेंशन चालू कराई जाएगी।