गढ़मु्क्तेश्वर। बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव डेहरा कुटी में व्यावसायिक भवन का दाखिल खारिज कराने के नाम पर 50 हजार की रिश्वत लेते हुए लेखपाल को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। लेखपाल ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम उसे पकड़ कर कोतवाली लेकर आ गई। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गांव डेहरा कुटी निवासी ओमवीर सिंह की गांव में ही ओम बिल्डिंग मेटेरियल के नाम से दुकान है। ओमवीर के अनुसार उसने मार्च 2024 में सचिन चौहान निवासी गांव सलारपुर थाना बहादुरगढ़ से 240 वर्ग गज व्यावसायिक भवन खरीदा था। जिसका बैनामा 75 लाख में किया गया, जिसमें स्टांप ड्यूटी 93 लाख रुपये के हिसाब से लगी थी। पीडि़त के अनुसार बैनामा कराने के बाद से संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है। उस भवन के दाखिल खारिज की प्रक्रिया के लिए जुलाई में तहसीलदार कार्यालय में आवेदन किया था।
लेखपाल ने मांगे थे 90 हजार रुपये
ओमवीर का कहना है कि हल्का लेखपाल विपिन धामा तीन-चार दिन पहले उसकी दुकान पर पहुंचा। जिसने दाखिल-खारिज कराने के नाम पर भवन की कीमत का एक प्रतिशत 90 हजार रुपये रिश्वत के रूप में मांगे। उसने 90 हजार देने में असमर्थता व्यक्त की। जिसके बाद लेखपाल से 50 हजार रुपये में दाखिल-खारिज कराने की बात तय हो गई। उसने मेरठ पहुंचकर विजिलेंस टीम को मामले से अवगत कराया। उसके बाद टीम ने योजना तैयार करते हुए आरोपी को 50 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
रुपये देने के लिए बुलाया जवाहर गंज मंडी
पीडि़त ने बताया कि उसने आरोपी को रुपये देने के लिए गढ़ की जवाहर गंज मंडी बुलाया। इससे पहले ही टीम ने रकम उसे दे दी थी। वहीं विजिलेंस टीम के अधिकारी कर्मचारी मौके पर मौजूद थे।
रिश्वत लेने के मामले में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गढ़ में दाखिल खारिज के नाम पर 50 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल विपिन धामा से पहले भी इस प्रकार की कार्रवाई हो चुकी हैं। इससे पहले पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक, संग्रह अमीन, आबकारी निरीक्षक, नगर पालिका कर्मचारी और ईओ समेत कई लोगों पर रिश्वत लेने के मामले में कार्रवाई हो चुकी हैं।
कोतवाली में लेखपालों का लगा जमावड़ा
लेखपाल के रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार होने की सूचना पर लेखपालों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते लेखपालों की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई। वहीं आरोपी की पत्नी और परिजन भी कोतवाली पहुंच गए।
कोट -
शिकायत के आधार पर आरोपी लेखपाल की गिरफ्तारी के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया। जिसे पीडि़त से 50 हजार रुपये लेते हुए टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ गढ़ कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया जा रहा है। - इंदु सिद्धार्थ, एसपी,विजिलेंस