युवती का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी को दस वर्ष कारावास
हापुड़। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम ने युवती का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार त्यागी ने बताया कि पिलखुवा निवासी एक व्यक्ति ने दो अप्रैल 2017 को थाना पिलखुवा में तहरीर दी। जिसमें बताया था कि उसकी साली 31 मार्च 2017 को उसके घर आई थी। जो एक अप्रैल 2017 को घर से लापता हो गई। काफी तलाश करने पर भी उसका कोई पता नहीं चला है। लेकिन कुछ रिश्तेदारों ने बताया कि मोहल्ला करीम नगर थाना गुलावठी जिला बुलंदशहर निवासी शाकिर पुत्र मोबीन इसमें शामिल हो सकता है। शाकिर को पिलखुवा में घूमता हुआ देखा गया था। पुलिस ने मामले की जांच कर अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत किया। उक्त मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम कोर्ट में चल रही थी। जिसमें उन्होंने अपर जिला शासकीय अधिवक्ता के रुप में वादी की तरफ से पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के समक्ष मामले से संबंधित मजबूत साक्ष्य रखे। जिसमें उन्होंने कहा कि पीड़ित युवती ने अपने ब्यान में स्पष्ट रूप से अपहरण कर दुष्कर्म करने की बात की है। पुलिस की जांच में भी उक्त अपराध होना साबित होता है। जिसके साक्ष्य भी न्यायालय में पेश किए गए है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सोमवार को मामले में निर्णय सुनाया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम न्यायाधीश राखी चौहान ने आरोपी शाकिर को दोषी करार किया। दोषी को दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने की दशा में डेढ़ वर्ष की सजा बढ़ा दी जाएगी। न्यायालय के आदेश पर दोषी को कोर्ट से जेल भेज दिया गया है।