मानदेय कम मिलने पर नौ ग्राम पंचायत सहायकों का इस्तीफा
हापुड़। छह हजार रुपये प्रति माह मानदेय पर पंचायत सहायक पद की नौकरी पाने के लिए युवाओं में खासा जोश दिखाई दिया था। इस पद के लिए एक-एक पद पर आवेदनों की लंबी फेहरिस्त थी। मेरिट के आधार पर जिले में 273 पदों में से 246 पर चयन भी हो गया। लेकिन अब इनका नौकरी से मोह भंग हो गया है। कम मानदेय के कारण नौ सहायकों ने अपना त्यागपत्र दे दिया है।
प्रदेश सरकार ने ग्रामीणों की शिकायतों के निस्तारण एवं पंचायती राज व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम सचिवालय व्यवस्था की शुरूआत की थी। योजना के तहत हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में पंचायत सेवा केंद्र एवं ग्राम सचिवालय की स्थापना होनी है। यहां पर ग्रामीणों की जमीन, जोत, खतौनी समेत अन्य समस्याओं का निराकरण कराया जाना है।
सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत सहायक की नियुक्ति की व्यवस्था की गई। इसके लिए की गई चयन प्रक्रिया में अभी तक 273 ग्राम पंचायतों में से 246 पंचायत सहायकों की तैनाती हो चुकी है।
एमबीए, इंजीनियरिंग पास कर रहे हैं नौकरी
पंचायत सहायक की छह हजार रुपये मानदेय वाली नौकरी के लिए एमबीए, एमसीए, इंजीनियरिंग, स्नातक, परास्नातक डिग्रीधारी युवाओं ने आवेदन किए थे। मेरिट के आधार पर इनका चयन हुआ था। पंचायत सहायकों के त्याग पत्र का सिलसिला हाल ही में शुरू हुआ है। दरअसल, मानदेय कम होना इसका कारण बताया जा रहा है। जबकि कुछ की नौकरी इससे ज्यादा वेतन पर लग चुकी है।
जल्द भरे जाएंगे रिक्त पद
अभी तक चयनित 246 में से 9 पंचायत सहायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आचार संहिता हटने के बाद दोबारा चयन प्रक्रिया शुरू होगी। इनमें रिक्त पदों पर भी युवाओं का चयन किया जाएगा। -विरेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।