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वक्फ की बीस करोड़ की जमीन का 2.40 करोड़ में किया सौदा

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वक्फ की बीस करोड़ की जमीन का 2.40 करोड़ में किया सौदा
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हापुड़। मोहम्मद शहीद खां मैनेजिंग कमेटी के अध्यक्ष ने गांव अमीपुर नगौला स्थित वक्फ बोर्ड की लगभग 20 करोड़ की 31 बीघा भूमि को 2.40 करोड़ रुपये में अवैध तरीके से बेचे जाने की जिलाधिकारी से शिकायत की है। साथ ही शिकायतकर्ता ने मामले में भूमि के क्रेता व विक्रेता सहित सभी गवाहों पर मुकदमा दर्ज कराने की भी मांग की है।
जिलाधिकारी को की गई शिकायत में कमेटी की अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सलीम अहमद का कहना है कि गांव अमीपुर नगौला में वक्फ बोर्ड की दो सौ 55 बीघा कृषि भूमि है। इसके अलावा हापुड़ सहित कई अन्य गांव में ग्यारह सौ 61 बीघा वक्फ बोर्ड की भूमि है। जिसकी देखरेख मोहम्मद शहीद खां मैनेजिंग कमेटी करती है। उन्होंने कहा कि गांव अमीपुर नगौला में वक्फ की दो सौ दस बीघा भूमि को मुस्तेहसन एवं इस्तेखार ने पहले अवैध रुप से बेच दिया था। जिसकी जांच चल रही है। अब फिर से दोनों गांव में ही वक्फ की 31 बीघा भूमि को अवैध रुप से बेचने का प्रयास कर रहे हैं। जिसके लिए मुस्तेहसन एवं इस्तेखार ने अवैध तरीके से 28 दिसंबर 2021 को वक्फ की 31 बीघा भूमि का दो करोड़ 40 लाख रुपये में 45 माली रोड सिविल लाईन नार्थ दिल्ली निवासी आशुतोष व उनकी पत्नी श्वेता को इकरारनामा कर दिया है। जबकि उक्त भूमि बीस करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य की है। वहीं, उक्त भूमि के विक्रय पर जिलाधिकारी द्वारा पहले से ही रोक लगाई हुई है। आदेश के खिलाफ उक्त भूमाफियाओं ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक वाद दायर किया। जहां पर भी तत्कालीन जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी व तहसीलदार ने उक्त भूमि को वक्फ की संपत्ति होने के पक्ष में दस्तावेज जमा करा चुके हैं। इसके बाद भी आरोपियों द्वारा वक्फ की भूमि को अवैध रुप से बेचा जा रहा है। इसलिए उक्त मामले में हुये इकरारनामा के विक्रेता, विके्रता व गवाहों के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाए।
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उन्होंने बताया कि वक्फ की भूमि को लेकर 18 मई 1996 को तत्कालीन सरकार ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि वक्फ की भूमि को बेचने, खरीदे व गवाह सभी दोषी माने जायेंगेे और सभी पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी।
भूमि क्रेरता आशुतोष गुप्ता का कहना है कि भूमि के वक्फ की होने को लेकर उन्हें पता चला था। जिसके बाद उन्होंने भूमि की कानूनी जांच कराई। जिसमें भूमि पूरी तरह से सही पाई। कही भी यह भूमि वक्फ की नहीं पाई गई। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि आगे भी उन्हें इस भूमि के गलत होने का पता चलता है तो वह उसे नहीं खरीदेंगे। जबकि बेचने वाले आरोपियों के फोन नहीं उठाए।
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एडीएम श्रद्धा शांडिल्यायन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि भूमि वक्फ की पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहायक सर्वे वक्फ अधिकारी सुमन गौतम का कहना है कि मामले उनके संज्ञान में है। विधानसभा चुनाव को लेकर उसमें कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसको लेकर शीघ्र जांच होगी और जांच में जो पाया जाएगा उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
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