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चुनाव का मैदान तैयार, उम्मीदवारों के आने का इंतजार

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होर्डिंग बैनरों को हटवाते अधिकारी संवाद - फोटो : HAPUR
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चुनाव का मैदान तैयार, उम्मीदवारों के आने का इंतजार
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हापुड़। आचार संहिता लागू होते ही प्रदेश के साथ जिले में भी चुनावी बिगुल बज चुका है। चुनाव मैदान में बिसातें बिछ चुकी हैं और मतदाताओं को उम्मीदवारों का इंतजार है। जिले में गढ़ सीट पर टिकट को लेकर घमासान मचने वाला है। इस सीट पर दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। एक पार्टी से 30 से 35 दावेदार हैं और टिकट के लिए एड़ी चोटी के जोर लगा रहे हैं। बड़ी बात है कि कुछ ने तो घोषणा से पहले ही प्रचार प्रसार शुरू कर दिया था। अब आचार संहिता लगने के बाद यह प्रचार थमा है।
भाजपा से तीनों सीटों पर करीब 60 दोवेदार
सत्ताधारी भाजपा में दावेदारों की फेहरिस्त सबसे लंबी है। जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर मजबूती माने बैठे दावेदार पिछले दो माह से अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। सबसे अधिक दावेदार गढ़ विधानसभा सीट से हैं। 35 से 40 लोगों ने यहां से टिकट के लिए आवेदन किए हैं। जबकि हापुड़ और धौलाना विधानसभा सीटों पर करीब दस-दस दावेदार हैं। फिलहाल जिले में भाजपा की स्थिति मजबूत है, लेकिन टिकट की घोषणा के बाद अपनों की बगावत पार्टी का खेल बिगाड़ सकती है। ऐसे में टिकट की घोषणा भाजपा की हार जीत के लिए अहम होगी।
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फिलहाल सपा, रालोद की स्थिति नहीं है स्पष्ट
सपा और रालोद के गठबंधन के बाद अभी किस दल को कौन सी सीट मिलेगी इसका निर्धारण नहीं हुआ है। जिले सपा का पारंपरिक वोट बैंक कुछ खास नहीं रहा है। लेकिन रालोद और प्रसपा के साथ आने के बाद निश्चित रूप से भाजपा से टक्कर इसी गठबंधन की मानी जा रही है। ऐसे में यहां भी दावेदारों की कमी नहीं है। गठबंधन में भी गढ़ सीट के लिए मारामारी है। सूत्रों की माने तो सपा और रालोद दोनों ही गढ़ सीट से अपने-अपने प्रत्याशी को चुनाव लड़ाना चाहते हैं, लेकिन अभी इस पर सहमति नहीं बन सकी है। दावेदारों की बात करें तो सपा और रालोद से जिले की तीनों सीटों पर करीब 25 दावेदार हैं। गढ़ सीट पर सबसे अधिक 15 लोग टिकट मांग रहे हैं।
कांग्रेस में प्रत्याशी के चेहरे पर निर्भर होंगे सियासी समीकरण
पिछले चुनाव में भाजपा की लहर में कांग्रेस की स्थिति जिले में ठीक नहीं रही। हालांकि हापुड़ सीट पर कांग्रेस के गजराज सिंह दूसरे नंबर पर रहे थे। इस बार भी प्रत्याशी का चेहरा ही कांग्रेस के जिले में कद को तय करेगा। सत्ताधारी भाजपा की वर्तमान स्थिति और गठबंधन से मिली सपा रालोद को मजबूती के बाद कांग्रेस को टक्कर में आने के लिए मेहनत करनी होगी।
बसपा के लिए आसान नहीं होगी राह
बहुजन समाज पार्टी हापुड़ विधानसभा सीट से मनीष सिंह के नाम से टिकट की घोषणा कर चुकी है, जबकि बाकी सीटों पर भी टिकट पाने वाले कतार में हैं, इनमें बाहरी दावेदार अधिक हैं। जिले की तीनों सीटों पर वर्तमान समीकरणों में बसपा की राह आसान नजर नहीं आ रही है। वर्तमान में हापुड़ विधानसभा सीट से टिकट पाने वाने मनीष को भाजपा के देहात में वोट बैंक से चुनौती मिलेगी। जबकि नगर पालिका हापुड़ चेयरमैन में पिछले चुनाव में वे भाजपा के प्रफुल्ल सारस्वत से हार गए थे। आजाद समाजवादी पार्टी का जिले में जनाधार बढ़ा है, ऐसे में इस बार युवा वोट बसपा से खिसकता नजर आ रहा है। जिससे बसपा की मुश्किलें हापुड़ जैसी मजबूत सीट पर भी बढ़ रही हैं।
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आम आदमी पार्टी तलाश रही सियासी जमीन --
जिले में आम आदमी पार्टी अपनी सियासी जमीन तलाश रही है। पिछले चार पांच माह से पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों को जोड़ने के लिए सदस्या अभियान चलाया था। जिले में पहले से अधिक जनाधार माना जा रहा है। जिले की तीनों सीटों पर प्रत्याशी लगभग तय हैं। आप भले ही जीत के दावेदारों में न हो, लेकिन इसके प्रत्याशी दूसरे दलों का सियासी गणित जरूर बिगाड़ सकते हैं।

स्कूल का निरीक्षण करते एडीजी- फोटो : HAPUR

जिला मुँख्यालय सभागार में प्रेसवार्ता करते डीएम संवाद- फोटो : HAPUR

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