सपाइयों ने पुलिस के सामने फूंका सीएम का पुतला
हापुड़। लखीमपुर खीरी में हुए बवाल के बाद सोमवार को किसान संगठनों व राजनीतिक दलों ने सड़क से लेकर कलक्ट्रेट पर जमकर हंगामा किया। पुलिस की मौजूदगी में ही सीएम का पुतला फूंका गया। सपा व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की वहीं भाकियू और रालोद कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर धरना दिया। पुलिस ने 64 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एडीजी, आईजी, डीएम, एसपी समेत आला अधिकारी दिनभर दौड़ते रहे।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे सपाई पूर्व जिलाध्यक्ष तेजपाल प्रमुख के नेतृत्व में तहसील चौपला पहुंचे। सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष संजय गहलौत, छात्रसभा के प्रदेश सचिव रविंद्र यादव, लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष पियूष मंडोढिया, श्याम सुंदर भुर्जी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ तहसील चौपले पर अर्ध नग्न होकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने तहसील चौपला पर जाम लगा दिया। बुलंदशहर रोड से कुछ कार्यकर्ता सीएम योगी का पुतला ले आए, जिसे देख पुलिस कार्यकर्ताओं के पीछे दौड़ पड़ी। लेकिन पुलिस के सामने ही कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंक दिया। इस दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान समेत सपा के 42 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
इसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील चौपला पर धरने पर बैठ गए। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रियंका गांधी को रिहा कराने की मांग की। इस दौरान आंदोलनकारी कार्यकर्ता सड़क पर ही लेटकर हंगामा करने लगे। पुलिस के साथ यहां कार्यकर्ताओं की जमकर नोकझोंक भी हुई। हालांकि पुलिस ने 22 कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी कर धरना समाप्त कराया। हालांकि शाम को पुलिस ने सभी को रिहा कर दिया।
भाकियू का कलक्ट्रेट पर धरना
भाकियू कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर धरना देकर, सरकार पर किसानों की अनदेखी और उत्पीड़न का आरोप लगाया। वहीं मृतक किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। डीएम को ज्ञापन देकर, लखीमपुर खीरी की घटना का कड़ा विरोध किया। इस दौरान मंडल उपाध्यक्ष धनवीर शास्त्री, जिलाध्यक्ष विरेंद्र सिंह, प्रदेश सचिव कुशलपाल आर्य, टेनपाल सिंह, समरपाल सिंह शामिल रहे। इसके अलावा भाकियू असली के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बाना ने भी कार्यकर्ताओं के साथ धरना देते हुए ज्ञापन सौंपा।
रालोद ने दिया समर्थन
लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत पर रालोद कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में चल रहे धरने का समर्थन किया। पूर्व जिलाध्यक्ष शिवकुमार त्यागी, युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी, आकिल खान ने मृतक किसानों को इंसाफ दिलाने की मांग उठाई।
आप ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आठ किसानों की मौत को निंदनीय बताकर रोष जताया। केंद्रीय मंत्री व उसके बेटे के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष डॉ नरेंद्र सोलंकी, हीरालाल जैनवाल, अमित, सरोज कुमारी, मनोज गुप्ता, जस्मित सिंह, आजाद, टीकाराम मौजूद रहे।
किसान एकता संघ ने किया प्रदर्शन
किसान एकता संघ के आह्वान पर कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया वहीं तहसीलदार को ज्ञापन देकर गृह राज्य मंत्री को तत्काल हटाने,उनके पुत्र पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सरदार अमरीश माहल, संजय, समय सिंह, सुमित चौधरी, प्रमोद हूण, कुसुम तोमर, अनुज प्रधान, निरंकार सिंह, जितेंद्र सिंह, पिंटू शर्मा, रामपाल सिंह मौजूद रहे।
न्यायिक जांच की उठाई मांग
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ बर्बरता की निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग उठाई। इस संबंध में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष पदम सिंह, विकास त्यागी, अय्यूब सिद्दीकी, विकास, नासिर, एसपी, सुनीता, सोनी, चंद्रपाल सिंह मौजूद रहे।
मृतक किसानों के परिजनों को मिले मुआवजा
भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने घटना की निंदा करते हुए सीएम को संबोधित ज्ञापन भेजा। जिसमें मृतक किसानों को एक करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। इस मौके पर प्रदेश महासचिव राकेश त्यागी, शराफत चौधरी, विनित त्यागी, गौरव नागर, मुशाहिद मौजूद रहे।
दलित स्वाभीमान रक्षा संघर्ष वाहिनी ने जताया रोष
दलित स्वाभीमान रक्षा संघर्ष वाहिनी के पदाधिकारियों ने लखीमपुर खीरी की घटना पर रोष जताया। सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराकर, दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। इस मौके पर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल आजाद, मनोज कुमार, अभिषेक, रामपाल बौद्ध, हरपाल जाटव, मंगल सिंह, वेदप्रकाश, कालीचरण गौतम मौजूद रहे।