झमाझम बारिश से मौसम हुआ खुशगवार, खिले चेहरे
गढ़मुक्तेश्वर। झमाझम बारिश होने से मौसम दिनभर खुशगवार रहने पर उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से चौतरफा राहत मिली। हालांकि दूसरी तरफ गंगा के जलभराव से प्रभावित गांवों में रहने वालों की दिक्कत और भी बढ़ गई है।
भादो का महीना चालू होने के बाद से चमकदार धूप निकलने पर उमस भरी गर्मी का प्रकोप पिछले कई दिनों से पसीने छुड़ाता आ रहा था, लेकिन शनिवार को झमाझम बारिश होने से मौसम पूरी तरह खुशगवार होने पर हर किसी को चौतरफा राहत मिली है। दोपहर में करीब साढ़े दस बजे रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो एक घंटे के भीतर झमाझम बारिश में बदल गया। करीब दो घंटों तक बारिश होने के बाद भी आकाश में बादल छाए रहने पर हवा में ठंडक बढने पर मौसम का मिजाज फिलहाल पूरी तरह खुशनुमा हो गया है, जिससे हर किसी को उमस भरी गर्मी और चिलचिलाती धूप से फिलहाल राहत मिली है। धान समेत फसलों की सिंचाई को लेकर परेशानी झेलते आ रहे बांगर क्षेत्र के किसानों के चेहरे मौसम में बदलाव होने से फिलहाल खिल उठे हैं। अगले कई दिनों तक उन्हें फसलों की सिंचाई के काम से निजात मिल गई है। लेकिन दूसरी तरफ गंगा नदी की तलहटी से जुड़े खादर क्षेत्र के गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों की दिक्कत बारिश होने से और बढ़ गई है। गंगा के उफान से जंगल और संपर्क रास्तों पर पहले ही करीब दो फुट पानी भरा होने से ग्रामीण चौतरफा दिक्कत झेलने को मजबूर हैं।
पार्किंग में जलभराव से सड़क किनारे खड़ी करनी पड़ रही कार
- झमाझम बारिश होने से ब्रजघाट गंगानगरी में दिल्ली लखनऊ नेशनल हाइवे किनारे बने पार्किंग स्थल में करीब ढाई फुट पानी भर गया है, जिससे गंगा स्नान समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी यूपी से आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं। पार्किंग स्थल में जलभराव होने से गंगा भक्तों को रसीद कटवाने के बाद भी अपनी कार हाइवे किनारे समेत आवागमन से जुड़े मुख्य रास्तों के किनारे राम भरोसे छोड़ने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कोट
मौसम वैज्ञानिक डॉ. नफीस चौधरी का कहना है कि जुलाई के मुकाबले अगस्त माह में मानसूनी बारिश का सिलसिला काफी अच्छा रहा है, जिससे भूजल स्तर में बढ़ोतरी होने के साथ ही किसानों समेत आम लोगों को भी गर्मी के प्रकोप से चौतरफा राहत मिल रही है।