मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए तीन सप्ताह का इंतजार
हापुड़। गर्मियां शुरू होने से पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों में होड़ मची है। गढ़ रोड सीएचसी में रोजाना 120 से अधिक नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं, इनमें एक तिहाई के ऑपरेशन कराने वाले लोग शामिल हैं। यहां पर नेत्र सर्जन सिर्फ एक हैं, सप्ताह में दो दिन ऑपरेशन किए जा रहे हैं। ऐसे में मरीजों को अगले तीन सप्ताह तक की डेट मिल रही है। जिम्मेदार इस समस्या पर मौन साधे बैठे हैं।
फरवरी और मार्च महीने को ही आंखों के ऑपरेशन के लिए अनुकूल माना जाता है। कड़ाके की सर्दी के दौरान में इक्का दुक्का ऑपरेशन हो रहे थे। जिन मरीजों को अधिक समस्या नहीं थी, उन्होंने फरवरी आने का इंतजार किया। गढ़ रोड सीएचसी में इन दिनों नेत्र संबंधी रोगियों की संख्या प्रतिदिन 120 से अधिक पहुंच गई है।
ऑपरेशन के लिए अस्पताल में एक मात्र नेत्र सर्जन हैं, जो ओपीडी के साथ ही आपातकाल सेवा में ड्यूटी करते हैं। ऑपरेशन के लिए चिकित्सक द्वारा मंगलवार और बृहस्पतिवार का ही दिन निर्धारित किया गया है।
दूर दराज से आने वाले मरीजों को इसकी भले ही जानकारी न हो, लेकिन एक दिन आकर आंखों की जांच करानी पड़ती है, फिर ऑपरेशन का समय लेना पड़ता है। मरीजों की भीड़ के चलते तीन सप्ताह बाद तक की भी डेट दी जा रही है। मरीजों का मानना है कि गर्मियों में पसीना आने से आंख को खतरा होता है, तीन सप्ताह बाद गर्मियों आ ही जाएंगी। दो दिन में बामुश्किल 30 मरीजों के ही ऑपरेशन हो पा रहे हैं।
निजी अस्पताल में 20 हजार से दो लाख का आता है खर्चा
प्राइवेट अस्पतालों में मोतियाबिंद के सामान्य ऑपरेशन में करीब 20 हजार रुपये तक खर्च हो जाते हैं, लेंस के अनुसार चार्ज बढ़ता है। यही कारण है कि गरीब मरीज सरकारी अस्पताल में ही ऑपरेशन कराना मुनासिब समझ रहे हैं।
अगले सप्ताह का मिला है समय
आंखों में मोतियाबिंद की परेशानी है, चिकित्सक से जांच कराई है। ऑपरेशन का समय अगले सप्ताह का मिला है, दवाएं दी हैं। ऑपरेशन गर्मियों के आने से पहले हो जाए तो सही है। काफी समय से परेशान हूं। - सरोज, मरीज
ऑपरेशन का इंतजार
गर्मियों में आंखें बनवाना ठीक नहीं है, यही सोचकर शुरुआत में ही ऑपरेशन का मन बनाया है। मोतियाबिंद की परेशानी है, दो सप्ताह बाद का समय दिया गया है। आंखों से जुड़ा मामला होने के कारण एहतियात बरतनी पड़ रही है। - नसीम, मरीज
चिकित्सक की कमी, ऑपरेशन में हो रही देरी
अस्पताल में मरीजों की काफी संख्या है, जबकि चिकित्सक काफी कम हैं। जिस तेजी से ऑपरेशन होने चाहिए, उस रफ्तार से नहीं हो पा रहे हैं। अफसरों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - संतो, मरीज
दो सप्ताह बाद की मिली है तारीख
ऑपरेशन के लिए अस्पताल आई हूं, लेकिन पहले से ही वेटिंग चल रही है। आंखों में मोतियाबिंद की परेशानी है, गर्मियों से पहले आंख बन जाएं तो ठीक होगा। चिकित्साधिकारियों से भी गुहार लगाई है। - राजेश्वरी, मरीज
कोट
गर्मियों में आंख बनवाने में कोई परेशानी नहीं
इन दिनों अच्छे एंटीबॉयोटिक आ रहे हैं, जिन्हें आंख में डालने से जल्द स्वस्थ हो जाती हैं। गर्मियों में ऑपरेशन से आंखों को कोई खतरा नहीं होता। अस्पताल आने वाले मरीजों के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। - डॉ. अतुल आनंद, नेत्र रोग विशेषज्ञ
मरीजों की तादात बढ़ी, दिलाया जा रहा उपचार
इन दिनों नेत्र रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है, ऑपरेशन के लिए भी काफी लोग आ रहे हैं। सुबह 9 से दोपहर दो बजे तक ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. रेखा शर्मा, सीएमओ