हमीरपुर/सुमेरपुर। खिचड़ी पर्व पर ससुर ने मायके भेजने से इन्कार कर दिया तो नाराज शिक्षिका बहू ने सोमवार को डाई पी ली। मंगलवार को मायके में उसकी मौत हो गई। देर शाम तक किसी ने शिकायत नहीं की है।
सुमेरपुर थानाक्षेत्र के गांव मुंडेरा निवासी शिवेंद्र पाल अपने एक मकान में विद्यालय संचालित करते हैं। इसमें वह अपनी पत्नी सुकन्या उर्फ सुदामा (24) के साथ मिलकर बच्चों को पढ़ाते हैं। सोमवार को सुकन्या का भाई अमर मकर संक्रांति पर्व पर घर ले जाने के लिए पहुंचा था। शिवेंद्र ने बताया कि पिता ने बहू को मायके भेजने से मना कर दिया। इससे वह इस नाराज हो गई। सोमवार की शाम कोचिंग पढ़ने आए बच्चे को दुकान भेजकर डाई मंगवाया और पी लिया। वह कोर्ट की तारीख पर हमीरपुर आए थे। इधर सुकन्या भाई अमर ने बहन को सुमेरपुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। रात 11 बजे हालत में सुधार होने पर भाई अपने साथ घर ले गया। मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
बाजार न ले जाने से थी नाराज
पति शिवेंद्र ने बताया कि छह फरवरी को बहन की शादी है। बीते माह दिसंबर को लखनऊ जाकर खरीदारी के लिए तैयारी बनाई थी, पत्नी सुकन्या भी उत्साहित थी। किसी कारणवश उसे अकेले ही लखनऊ जाना पड़ा। पत्नी को हमीरपुर में ही खरीदारी करने के लिए समझा लिया। इसके बाद जिस दिन हमीरपुर में खरीदारी के लिए तैयारी बनी तो साथ में बहनें भी तैयार हो गईं, इससे पत्नी खरीदारी के लिए हमीरपुर भी नहीं जा सकी। इसको लेकर वह नाराज थी।
दो वर्ष पूर्व हुई थी शादी
सुकन्या के बड़े भाई राम सिंह ने बताया कि दो वर्ष पूर्व बहन की शादी धूमधाम से की थी। उसकी मौत से एक साल के मासूम बेटे अभय डरा और सहमा दिखा। पोस्टमार्टम हाउस में वह मामा अमर की गोद में छिपटा रहा। लोगों से भरी भीड़ में उसकी आंखें बार-बार अपनी मां को तलाश रही थीं।