विस्फोट के बाद घायल को अस्पताल ले जाती पुलिस
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हमीरपुर में आतिशबाजी का थैला जमीन पर गिरते ही धमाके के साथ कमरे की छत उड़ गई। इसी के साथ पूरा मकान जमींदोज हो गया। आतिशबाजी में आग लगने से घर की गृहस्थी में आग लग गई। जिससे कमरे में मौजूद चचेरे भाई झुलस गए। एक युवक कमरे में मलबे में दब गया, दूसरा धमाके के कारण दूर जा गिरा। विस्फोट की आवाज सुनकर पहुंचे लोगों ने मलबा हटाकर दोनों को जिला अस्पताल भेजा।
जहां से दोनों को कानपुर के लिए रेफर किया गया है। सूचना पर पहुंचे एसपी केके दीक्षित ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कहा, घटना की जांच कराई जा रही है। शहर के मेरापुर मोहल्ले से दो किमी दूर गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे खेत में बने एक पक्के मकान में तेज विस्फोट हुआ। जिससे मकान धराशायी हो गया। बतादें मेरापुर निवासी राजकुमार गुप्ता के पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। उनका बेटा ज्ञानेंद्र (20) अपने चचेरे भाई बृजेंद्र (30) के साथ गुरुवार सुबह संगमहेश्वर मंदिर के पास यमुना नदी किनारे खेत पर बने अपने पक्के मकान पर गए थे।
इसी मकान में उनका आतिशबाजी का समान रखा था। बताया गया कि बीते माह यमुना नदी में आई बाढ़ के कारण मकान के कमरे में रखे पटाखे व विस्फोटक सामग्री को थैलों में भरकर कमरे में टाड़ पर रख दिया गया था। गुरुवार सुबह बृजेश वहां पहुंचे और जैसे ही दरवाजा खोला, तभी कमरे में टाड़ से पटाखे का थैला नीचे गिर गया। तभी जबरदस्त विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि छत उड़ गई और जब नीचे गिरी तो पलट गई।
साथ ही मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। हादसे में बृजेंद्र का आधा शरीर छत के नीचे दब गया, जबकि ज्ञानेंद्र विस्फोट से काफी दूर जा गिरा। धमाके की तेज आवाज से आसपास खेतों में काम कर रहे लोग पहुंचे और मलबा हटाकर बृजेंद्र को बाहर निकाला। सूचना पर कोतवाली पुलिस दमकल लेकर पहुंची।