पत्योरा गांव में अरहर के खेत में भरा नहर का पानी।
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हमीरपुर। विकासखंड सुमेरपुर के पत्योरा पंप कैनाल की माइनर फटने से किसानों की फसलें जलमग्न हो गईं। वहीं हजारों लीटर पानी बर्बाद हो गया। जिससे किसानों में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी है।
यमुना नदी से निकली पत्योरा पंप कैनाल चलते ही फटने लगी। जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। गांव निवासी किसान रामेंद्र सिंह ने बताया कि कैनाल चले चार दिन भी नहीं गुजरे हैं। बताया कि सोमवार रात अचानक से साइफन के आगे से माइनर फट गई। जिससे गजनाथ सिंह की ढाई बीघा अरहर व गेहूं की फसल, मुखिया की एक बीघा सरसों की फसल जलमग्न हो गई। किसान अनंता सिंह ने बताया कि खलिहान भी जलमग्न है। कहा कि माइनर क्षेत्र में काली मिट्टी होने से आए दिन फटती है। वहीं मौरंग भरे भारी वाहन निकलने से साइफन के पाइप डैमेज हो चुके हैं।
पत्योरा माइनर ठीक करा दी गई है। सहुरापुर पंप कैनाल की जांच कर जल्द ही मरम्मत करा दी जाएगी।
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पंप कैनाल दुरुस्त कराने की मांग
बांकी निवासी श्याम शिवहरे ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि सहुरापुर पंप कैनाल में धरमपुर के पास कई वर्षों से क्षतिग्रस्त है। जिससे नहर का पानी लगातार बहता रहता है। कहाकि उनके खेतों तक पानी नहीं आ रहा है। नहर विभाग की लापरवाही के चलते कई वर्षों से एक भी उपज नहीं ले पा रहा है। जिसमें उनका करीब दस लाख का नुकसान हो चुका है। पीड़ित ने डीएम से कैनाल दुरुस्त कराने व फसल क्षति का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।