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खाद के लिए उमड़ी भीड़, हुई नारेबाजी

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राठ के पहाड़ी गांव में खाद के लिए लगी किसानों की भीड़ - फोटो : HAMIRPUR
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राठ। पहाड़ी गांव में घंटों इंतजार के बाद भी खाद न मिलने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया। तभी लाइन में लगा एक अधेड़ अचानक बेहोश हो गया। जिससे अफरा-तफरी मची रही।
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गांव झिन्नबीरा के श्रीकांत, नीरज, काशी प्रसाद, कैंथा के प्रेमनारायण, कृष्ण कुमार, नौहाई के प्रेम राजपूत, देवेंद्र, बसेला के दीपू आदि ने बताया कि यूरिया की सख्त आवश्यकता है। खाद देरी से मिली तो फसलों को नुकसान होगा। पहाड़ी गांव स्थित कुल्हैंड़ा क्षेत्रीय सहकारी समिति में खाद के लिए सुबह छह बजे से लाइन लगाए हैं। दोपहर एक बजे तक उनका नंबर ही नहीं आया। दोपहर को किसानों ने प्रभारी पर पक्षपात का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। इस दौरान खाद के लिए लाइन में लगे रिगवारा के चंद्रभान की हालत बिगड़ गई। वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगे। वहीं केंद्र पर तैनात दो सिपाही व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
केंद्र प्रभारी चंद्रभान वर्मा ने बताया कि 15 दिन बाद 550 बोरी खाद उपलब्ध हुई है। समिति के अंतर्गत 22 गांव होने से भीड़ ज्यादा है।
सहकारी समितियों से यूरिया खाद नदारद
भरुआसुमेरपुर। डीएपी के बाद अब सहकारी समितियों से यूरिया खाद नदारद होने से किसान परेशान हैं। मजबूर होकर किसान खुले बाजार से महंगे दामों में यूरिया खरीद कर फसलों में छिड़काव करने को मजबूर हैं। समितियों में चार दिसंबर तक यूरिया आने की संभावना जताई जा रही है।
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क्षेत्रीय सहकारी समिति में यूरिया लेने आए किसान बउआ यादव, देवीचरन, रामदास, राजू सिंह, रामसिंह, घनश्याम आदि ने बताया कि वह पिछले चार दिनों से समितियों के चक्कर काट रहे हैं। दलहन, तिलहन तथा गेहूं फसल में पानी लग जाने के बाद यूरिया के छिड़काव की जरूरत है। ब्लॉक क्षेत्र समितियों के अलावा पीसीएफ केंद्र में खाद नहीं है। सचिव योगेंद्र सिंह, क्रय विक्रय सचिव शुभम त्रिपाठी, पीसीएफ केंद्र के प्रभारी शिव सिंह ने बताया कि तीन दिसंबर तक महोबा में रैक लगने की उम्मीद है। चार दिसंबर तक समितियों में यूरिया खाद उपलब्ध होने पर बांटी जाएगी।
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