अधूरा पड़ा टिकरौली से बड़ागांव सम्पर्क मार्ग।
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हमीरपुर। टिकरौली-बड़ागांव मार्ग का टेंडर हुआ पैसा भी मिला लेकिन दो साल बाद भी मार्ग अधूरा रह गया। जिससे क्षेत्र की 20 हजार की आबादी को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है।
टिकरौली से बड़ा गांव की दूरी मात्र तीन किमी है। इधर दो वर्ष पूर्व बुंदेलखंड विकास निधि से दो करोड़ 21 लाख सड़क निर्माण को स्वीकृति होने के साथ करीब एक करोड़ की धनराशि दे दी गई। लोनिवि की टेंडर प्रक्रिया के बाद कार्यदायी संस्था महालक्ष्मी कंस्ट्रक्शन इटावा ने काम शुरू कराया। लेकिन काम रोक दिया। मामले में कार्यदायी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर लोनिवि ने मामले को दबा दिया। इसके चलते क्षेत्र के मतदाताओं में रोष है।
टिकरौली के मुखिया पाल कहते हैं एक तरफ सरकार गांव से गांव को जोड़ने के लिए सड़कें बनवा रही है। लेकिन आजादी के 75 साल बाद भी सड़क का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि आधा दर्जन गांवों के लोग इस मार्ग से मुख्यालय आते जाते हैं।
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बड़ागांव के अशोक यादव उर्फ बब्बन का कहना है कि बारिश के चार महीने मुश्किलों भरे गुजरते हैं। 6 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाने पड़ते हैं। कहा कि जो भी नेता वोट मांगने आएगा उनसे पूछेंगे कि ये सड़क क्यों नहीं बन सकी।
कोट
संबंधित फर्म के ठेकेदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा चुका है। यह मार्ग बुंदेलखंड विकास निधि से 221 लाख की लागत से बनना है। एक करोड़ की धनराशि शासन स्तर से प्राप्त हो चुकी है। कहा कार्यदायी संस्था के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एमएल वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि