हमीरपुर। दो वर्ष पूर्व किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर गांव के मंदिर में शादी कर सूरत ले जाकर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट नीरज कुमार महाजन की अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
विशेष लोक अभियोजक अवध नरेश सिंह चंदेल ने बताया कि ललपुरा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने अदालत को दिए कलमबंद बयान में बताया कि वह कक्षा आठ तक पढ़ी है। कहा कि वह बालिग है और उसके पिता ने आधार कार्ड में उसकी उम्र कम लिखवाई है। बताया कि 22 जून 2020 को अपनी मर्जी से गांव के गुलु बाबा के मंदिर में आरोपी अमर के साथ शादी की और गुजरात प्रांत के सूरत शहर चली गई थी। उसका आरोपी के साथ तीन माह पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था। उसके माता पिता को उनके प्रेम संबंध के बारे में पता था। लेकिन वह दोनों की शादी के लिए राजी नहीं थे। कहा कि अपनी मर्जी से आरोपी के साथ सूरत गई और शारीरिक संबंध भी अपनी मर्जी से बनाए हैं। उसके साथ किसी ने भी कोई जोर जबरदस्ती और न कोई लालच दिया है। बताया कि वह एक माह की गर्भवती है। वह आरोपी पति के साथ खुश है और उसी के साथ रहेगी। लोक अभियोजक ने बताया कि पत्रावली पर पीड़िता के शैक्षिक अभिलेखों के अनुसार घटना के समय नाबालिग थी। कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।