नारायच आंगनबाड़ी केंद्र की जांच करते डीपीओ शैलेंद्र प्रताप सिंह।
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मौदहा। नरायच गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषाहार में गड़बड़ी की हुईं शिकायतों पर सोमवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने केंद्र का निरीक्षण किया। 14 लाभार्थियों के बयान लिए। बयानों और पूर्व में प्रभारी सीडीपीओ द्वारा की गई जांच विरोधाभासी मिली। उन्होंने दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया है। साथ ही उच्चस्तरीय जांच कराने के लिए सीडीओ को पत्र भेजा है।
मौदहा ब्लाक के नरायच गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला के केंद्र पर 26 अप्रैल को प्रभारी सीडीपीओ जुबेदा बेगम ने जांच की तो उन्हें पोषाहार नहीं मिला। इसके बाद 30 अप्रैल को फिर जांच करने पहुंचीं, तब केंद्र के स्टोर में 42 पैकेट दलिया व 46 पैकेट रिफाइंड मिला। रजिस्टर में फर्जी अंगूठा लगाकर पोषाहार वितरित करना पाया।
शनिवार को केंद्र में रखा पोषाहार गायब हो गया। इस मामले में मुख्य सेविका तुलसा देवी की संलिप्तता बताते हुए कोतवाली में दोनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह सोमवार को कुरारा सीडीपीओ शशिप्रभा सचान के साथ आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे। बताया कि जांच के दौरान पोषाहार नहीं मिला है।
कहा कि 14 लाभार्थियों के बयान लिए तो कुछ ने पोषाहार मिलने की बात कही। वहीं अभिभावकों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोज पर आधार कार्ड फीडिंग कराने के नाम पर 50 रुपये लेने का आरोप लगाया। बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला और सरोज का मानदेय रोक दिया गया है। प्रभारी सीडीपीओ की जांच विरोधाभासी होने पर वह सीडीओ को पत्र लिखेंगे। इसमें कमेटी गठित कर जांच की सिफारिश की जाएगी।