हमीरपुर। कुरारा कस्बे में राजकीय पालीटेक्निक भवन का निर्माण बेहद धीमी गति से हो रहा है।शासन ने जनवरी माह में इसके लिए 20.48 करोड़ रुपये के फंड की मंजूरी दी है। जिसमें कार्यदायी संस्था को 5.12 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी गई। इसके बाद भी निर्माण कार्य पांच फीसदी भी नहीं हो सका है। वहीं कस्बे के लोग ईंट और अन्य सामग्री मानक के अनुरूप इस्तेमाल न करने का आरोप लगा रहे हैं।
कुरारा कस्बे में मनकी तिराहे के पास राजकीय पालीटेक्निक के निर्माण को 14 जनवरी को मंजूरी मिली थी। माध्यमिक शिक्षा विभाग के गाटा संख्या-1534 के रकबा-5.459 हेक्टेयर भूमि पर भवन निर्माण शुरू कराया गया है। निर्माण कार्यदाई संस्था सीएंडडीएस जलनिगम महोबा करा रही है। पहली किस्त के रूप में 5 करोड़ 12 लाख 10 हजार रुपये मिल चुके हैं। भवन निर्माण कार्य धीमी गति से हो रहा है। कस्बे के पंकज सिंह, धर्मेंद्र सिंह व राजेश कुमार समेत अन्य लोगों ने बताया कार्यदायी संस्था ने अभी तक पिलर की खुदाई और भराई का कार्य किया है।
जिसमें मानकों की अनदेखी की गई है। बनाई गई बाउंड्रीवाल में घटिया ईट और सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। कुरारा निवासी समाजसेवी पंकज सिंह ने बताया राजकीय पालीटेक्निक भवन विधानसभा चुनाव से पहले कराए जाने का प्लान था। लेकिन जिस तरह से निर्माण कार्य हो रहा है उससे इसके पूरे होने में लंबा समय लगेगा। इधर सीएंडडीसी जलनिगम महोबा के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार शर्मा ने बताया 20.48 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन राजकीय पालीटेक्निक भवन निर्माण में कोरोना संक्रमण का प्रभाव पड़ा है। 31 मार्च 2022 तक पूर्ण कराया जाना है। अभी तक पांच फीसदी निर्माण कार्य हुए हैं। निर्माण कार्य में मानक से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।