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किसान मेला: भूमिहीनों को भी बताईं कृषि विभाग की योजनाएं

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फोटो28एचएएमपी 10- सेवाराम।
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हमीरपुर। कुछेछा स्थित विकास भवन परिसर में सोमवार को आयोजित किसान मेले में किसानों से ज्यादा भीड़ जुटाने की कवायद चर्चा में रही। मेले की रौनक बढ़ाने के लिए गांवों से किसान नेताओं के साथ श्रमिकों और पेंशनधारकों को भी बुलाया गया। लोगों को लाने के लिए बस लगाई गईं। सरकारी योजनाओं के लाभ की उम्मीद लेकर पहुंचे लोग करीब दो घंटे बैठे रहे लेकिन जब उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं मिला तो वे मायूसी हो गए।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने मेले में पहुंचकर पड़ताल की तो व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आई। अधिकारी मीटिंगों में व्यस्त रहे और इधर किसान मेला चलता रहा। आलम यह रहा कि मेले का शुभारंभ भी तय समय पर नहीं हो सका। दीप प्रज्ज्वलन और प्रदर्शनी का फीता काटने की रस्म समापन सत्र में निभाई गई। करीब दो बजे सीडीओ अरुण कुमार सिंह पहुंचे और दीप जलाया। इसके पहले मेला में कृषि और उद्यान विभाग के वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र कुरारा के वैज्ञानिक डॉ. एसपीएस सोमवंशी ने खेती के साथ पशुपालन को आय का अतिरिक्त साधन बनाने की सलाह दी। उन्होंने अच्छी नस्ल की गाय-भैंस पालकर दूध बेचने से अतिरिक्त आमदनी हासिल करने की बात कही। मेला में किसानों को मृदा परीक्षण के फायदे बताए गए। किसानों से कहा गया कि समय-समय पर मिट्टी का परीक्षण कराते रहना चाहिए। वैज्ञानिकों ने फसलों में लगने वाले कीड़ों के बारे में जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. शालिनी, डॉ. नितिन यादव, डॉ. राजीव कुमार सिंह ने भी किसानों को अहम जानकारियां दी। यहां पर उप कृषि निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरीशंकर के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों मौजूद रहे। संचालन डॉ. जीके द्विवेदी ने किया।
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रैली में चलोगी तो पेंशन बन जाएगी
जरिया गांव से आई वृद्धा शोभारानी ने बताया कि गांव में रैली की बात कही गई थी। एक बाबू जी ने बताया था कि मेला में चलोगी तो तुम्हारी छह माह से रुकी पेंशन बहाल हो जाएगी। पेंशन की उम्मीद लेकर आईं थी। यहां पर तो भाषण हो रहे। पेंशन की बात तो किसी ने पूछी ही नहीं। वृद्धा का कहना है कि वह बाबू जी भी नजर नहीं आ रहे हैं।

हम तो भूमिहीन हैं, टोपी मिल गई
सरसेड़ा माप गांव निवासी लक्ष्मीप्रसाद ने बताया कि बस में बैठकर रैली में शामिल होने आया हूं। वह मजदूर हैं और भूमिहीन हैं। बताया कि रैली में चलने के लिए कहकर ले आए। यहां कागज पकड़ा दिया। हम पढ़े लिखे ही नहीं तो यह हमारे किस काम का। टोपी जरूर मिल गई जो काम आएगी। एक दिन की मजदूरी भी हाथ से चली गई।

मुफ्त में मिला उर्द का बीज उगा ही नहीं
खेड़ा शिलाजीत निवासी सेवाराम ने बताया कि गांव में हरपाल बाबूजी ने एक बस लगवा दी थी जिससे हम तीन-चार गांव के करीब 60 किसान आए हैं। यहां पर टोपी मिल गई। सरकार बीज मुफ्त में दे रही लेकिन यहां पर जो बीज मिल रहा वह खेत में जम नहीं रहा। उड़द का बीज भी नहीं उगा। मूंगफली का मिला नहीं। तिल व ज्वार ठीक था।

14 विभागों के लगाए गए स्टॉल
किसान मेला में 14 विभागों ने स्टॉल लगाकर संचालित योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी के माध्यम से भी किसानों को जरूरी जानकारी दी गई। बीज से लेकर उर्वरक की मात्रा के बारे में बताया गया। प्रदर्शनी में योजनाओं के फोल्डर, कैलेंडर वितरित किए गए। कृषि विभाग, वन विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग, मृदापरीक्षण, इफको, पंचायती राज, यूपी नेडा, मत्स्य, मंडी परिषद, उप्र खादी ग्रामोद्योग, हैप्पी हेल्थ उत्पाद के अलावा स्वास्थ्य विभाग, स्वयं सहायता समूह का भी स्टॉल लगाया गया।

फोटो28एचएएमपी 10- सेवाराम।

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