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जवाब नहीं देने पर जा सकी है चेयरमैन की कुर्सी

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हमीरपुर। मौदहा नगर पालिका में हुए भ्रष्टाचार और गबन के आरोपी चेयरमैन व अन्य से 15 दिन में जवाब मांगा गया है। इस मामले में राज्यपाल की ओर से अपर सचिव नगर विकास ने नोटिस भेजकर चेयरमैन से स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब नहीं देने पर पदमुक्त कर अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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सभासदों ने नपा मौदहा में भ्रष्टाचार की डीएम से शिकायत की थी। इसमें जांच समिति ने डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें चेयरमैन मौदहा रामकिशोर, तत्कालीन अधिसाशी अधिकारी तत्कालीन एई व जेई समेत तीन ठेकेदारों पर भ्रष्टाचार व गबन के आरोप सही मिले थे। डीएम के आदेश पर एसडीएम ने कोतवाली में धारा 409, 467, 468 और 471 में मुकदमा दर्ज कराकर रिपोर्ट शासन को भेज दी थी।
मामले में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ. रजनीश दुबे ने 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। इसका जवाब नहीं देने की स्थिति में चेयरमैन को पदमुक्त कर वित्तीय अधिकारी छीनने और अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेने की चेतावनी दी है। उधर, इस मामले में चेयरमैन रामकिशोर का पक्ष मोबाइल स्विच आफ होने से नहीं मिल सका। नगर पालिक के डाक बाबू अनिल कुमार उर्फ कृष्ण कुमार ने बताया कि 16 अक्तूबर को आदेश आया था। जिसे रिसीव किया गया।
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यह कहते हैं कानून के जानकार
अधिवक्ता खलील अहमद ने बताया कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें धारा 471 में दर्ज अपराध समझौता योग्य नहीं है। इसमें किसी व्यक्ति को कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं धारा 467 में यदि चेयरमैन समेत अन्य आरोपियों पर न्यायालय में अपराध साबित होता है तो एक तय अवधि से लेकर 10 वर्ष तक या उम्रकैद की सजा हो सकती है। इसके साथ अर्थदंड की सजा भी हो सकती है।
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