सुमेरपुर गल्ला मंडी में संचालित क्रय केंद्र का निरीक्षण करते खाद्य विपणन अधिकारी बृजेश यादव।
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हमीरपुर/गोहांड। गोहांड के किसान सेवा सहकारी समिति में संचालित पीसीएफ के गेहूं खरीद केंद्र में डंप गेहूं को गोदाम में नहीं भेजा गया है। इससे बोरों में दीमक लगने लगी है। एआर कोआपरेटिव ने पीसीएफ प्रबंधक को पत्र लिखकर कहा है कि यदि गेहूं की बर्बादी हुई तो वह जिम्मेदार होंगे।
न्यूनतम समर्थन योजना के अंतर्गत पीसीएफ ने 41 गेहूं क्रय केंद्र खोले हैं। इनमें अभी तक 2141.150 एमटी गेहूं की खरीदारी हुई है। इसमें मात्र 914.766 एमटी का उठान पीसीएफ कर सका है। शेष गेहूं क्रय केंद्रों पर डंप है। किसान सेवा सहकारी समिति गोहांड में 1750 क्विंटल गेहूं डंप है। मौसम परिर्वतन के कारण गेहूं के बोरों में दीमक लग गई है। इससे गेहूं बर्बाद होने का खतरा है। क्रय केंद्र प्रभारी राजकुमार ने एआर कोआपरेटिव रामसागर चौरसिया को जानकारी दी। उन्होंने पीसीएफ मैनेजर एसके कुशवाहा को पत्र लिखकर कहा है कि क्रय केंद्रों में डंप गेहूं खराब हो रहा है। उसे शीघ्र गोदाम में पहुंचाया जाए। अभी तक किसानों का 17.93 लाख रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। इसका भुगतान करें। पीसीएफ प्रबंधक दिनेश कुशवाहा का कहना है कि साढ़े आठ सौ क्विंटल गेहूं का उठान हो चुका है। वहां पर मिट्टी के कारण दीमक लग गई है। बोरों को शीघ्र हटा लिया जाएगा।
जिले में संचालित विभिन्न एजेंसियों के 50 क्रय केंद्रों में अभी तक 643 किसानों ने 3219 एमटी गेहूं बेचा है। इनमें खाद्य विभाग तीन, पीसीएफ 46 व भारतीय खाद्य निगम एक किसान का भुगतान लटकाए है। क्रय एजेंसियों से इन 50 किसानों को कुल 648.820 लाख रुपये लेने हैं।