हमीरपुर। कानपुर-सागर हाईवे पर शुक्रवार रात कानपुर नगर के थाना सजेती के दुर्गामोड़ पर बाइक सवार तीन युवकों को एक प्राइवेट एंबुलेंस ने टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। वे तीनों एक ही बाइक पर ढाबे से खाना खाकर वापस लौट रहे थे। इधर शनिवार को तहसील रोड मोड़ पर परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। करीब एक घंटे तक जाम लगा कर रखा। पुलिस ने तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाम खुला।
शहर के यज्ञशाला मोहल्ला निवासी कार चालक ज्ञानेंद्र सिंह (28), अक्कू उर्फ आकाश निषाद(18) व दिनेश उर्फ छुन्ना गुप्ता(19) शुक्रवार रात हाईवे पर आनूपुर ढाबे से खाना खाकर बाइक से लौट रहे थे। तभी शहर से मरीज लेकर कानपुर जा रही प्राइवेट एंबुलेंस ने यमुना पुल के उस पर कानपुर नगर के थाना सजेती के दुर्गामोड़ के पास उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। ज्ञानेंद्र के पिता जगरूप ने बताया कि अक्कू उर्फ आकाश व दिनेश मूंगफली का ठेला लगाकर परिवार का भरण पोषण करते थे। तीनों युवक अविवाहित थे। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने तीनों को सदर अस्पताल लाई।
डॉक्टर ने द्वारा मृत घोषित करने पर मोर्चरी शव भेजे गए। शनिवार को तीनों का पोस्टमार्टम हुआ। वहीं शाम को हादसे से नाराज परिजनों ने तहसील मार्ग मोड़ पर शव रख जाम लगा दिया। जगरूप का आरोप है कि प्राइवेट एंबुलेंस चालक ने जानबूझकर वाहन चढ़ाकर हत्या की है। जिस एंबुलेंस से घटना हुई, उसका बीमा तक नहीं है। जाम की सूचना पर अन्य थानों का फोर्स बुला लिया गया। अधिकारियों ने परिजनों को ढांढस बंधा थाना सजेती के दरोगा बुलाकर तहरीर दिलाई। करीब एक घंटे लगे जाम के बीच वाहन दूसरे रुटों से गुजरते रहे।
सदर अस्पताल से महिला मरीज को लेकर कानपुर जा रही एंबुलेंस दुर्घटना के बाद सजेती पुलिस ने थाने में खड़ी करा दी थी। वहीं देर से घटना स्थल पहुंची सजेती पुलिस को एंबुलेंस में सवार मरीज व तीमारदार नहीं मिले। सजेती एसओ रविंद्र मिश्रा का कहना है कि दोनों वाहनों को थाने में खड़ा कराया है। एंबुलेंस में मौजूद मरीज की मौत होने की चर्चाएं शहर में तेज हैं लेकिन एसओ ने इस बारे में किसी प्रकार की सूचना नहीं होने की बात कही।
शहर के यज्ञशाला मोहल्ला निवासी कार चालक ज्ञानेंद्र सिंह करीब तीन माह पहले तक प्राइवेट एंबुलेंस चलाता था। मृतक के पिता जगरूप का कहना है कि उनके बेटे से प्राइवेट एंबुलेंस चालक चिढ़ते थे। आए दिन झगड़ा करने पर उसने एंबुलेंस चलाना छोड़ दिया था। इधर प्राइवेट बोलेरो चलाने लगा था। इसी के चलते वह इसे हादसा न मानकर जानबूझकर हत्या करना बता रहे थे।
मृतक दिनेश गुप्ता की फाइल फोटो।- फोटो : HAMIRPUR
मृतक आकाश निषाद की फाइल फोटो।- फोटो : HAMIRPUR
मोर्चरी हाउस में रोते बिलखते मृतक के परिजन।- फोटो : HAMIRPUR
मोर्चरी हाउस में मृतकों का पंचनामा भरती पुलिस व लगी परिजनों की भीड़।- फोटो : HAMIRPUR