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एसटीएफ ने 125पासपोर्ट के साथ दो लोगों को किया गिरफ्तार

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गोरखपुर।
विदेश में बड़ी कंपनियों में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। चार साल से धंधे में लगे दो लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 125 पासपोर्ट, स्कैनर, मोबाइल फोन व अन्य फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। रविवार को दुबई की नामी कंपनी अल जाबर के नाम पर फर्जी फ्रेंचाइजी खोलकर इंटरव्यू लेने की सूचना पर पहुंची एसटीएफ को यह कामयाबी हाथ लगी।
एसटीएफ को ट्रांसपोर्ट नगर अमरूद मंडी के पास प्रेम रोजगार सृजन केंद्र नाम से फर्जी तरीके से विदेश भेजकर ठगी करने वालों की सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर अशोक सिंह ने बताया कि सूचना पर एसटीएफ मौके पर पहुंची तो वहां दो लोग दुबई की नामी कंपनी के नाम पर इंटरव्यू लेते पकड़े गए। वहां करीब तीन सौ लोग इंटरव्यू देने पहुंचे भी थे। उनसेकागजात मांगे गए तो वह नहीं दिखा पाए। शक के आधार पर पूछताछ की गई तो दोनों ने चार साल से लोगों को ठगने की बात स्वीकार कर ली। उनके फर्जी सेंटर से 125 पासपोर्ट, प्रिंटर, स्कैनर, चार मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए। पकड़े गए ठगों की पहचान बेलीपार ककराखोर जंगल अखलास निवासी जनार्दन सिंह और कुशीनगर के हाटा इलाके के कविलेसहा निवासी रामचंद्र यादव के रूप में हुई है। एसटीएफ ने जालसाजों को राजघाट पुलिस के हवाले कर दिया है। वहीं पर केस दर्ज होगा। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में दरोगा भानु प्रताप सिंह, राजकुमार सिंह, यशवंत सिंह, अभिमीत तिवारी, संतोष सिंह, महेंद्र सिंह, अनूप राय शामिल थे।
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ऐसे खुला मामला
दुबई की अल जाबर कंपनी ने रिक्त पदों पर नौकरी के लिए लुधियाना की एअर विंग कंपनी से करार किया था। इंटरव्यू के लिए फ्रेंचाइजी कंपनी ने सिंघड़िया में ऑफिस भी खोला था। इसी बीच इसकी जानकारी ठगों को हुई तो उन्होंने कंपनी की तय सैलरी से ज्यादा सैलरी का झांसा देकर विज्ञापन निकाला। रविवार को कंपनी के मैनेजर पंकज कुमार इंटरव्यू लेने गोरखपुर आ रहे थे तो उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। उन्होंने एसटीएफ को सूचना दे दी और गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।

मोटी सैलरी के नाम पर करते थे ठगी
एसटीएफ की पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग नामी कंपनियों के विज्ञापन देखकर उससे ज्यादा सैलरी देने का झांसा देते हुए विज्ञापन निकलवाते थे। इंटरव्यू देने आए लोगों से ये कहते थे कि कंपनी ने दो लोगों को फ्रेंचाइजी दी है। यदि आप उनके जरिए नौकरी हासिल करेंगे तो ज्यादा सैलरी मिलेगी। इस लालच में लोगों को फंसाकर वे चार साल से धंधा चला रहे थे।

हर आवेदक से करते थे 50 हजार की ठगी
बड़ी कंपनी के नाम पर इंटरव्यू लेकर विदेश भेजने के लिए हर आवेदक से 50 हजार रुपये की ठगी की जाती थी। यह रकम कई किश्तों में ली जाती थी। आवेदन के समय ढाई हजार रुपये देने होते थे। इसके बाद फिर मेडिकल के नाम पर छह हजार, वीजा और अन्य जरूरतों को बताकर कुल 50 हजार रुपये वसूले जाते थे।
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इन पदों के लिए हो रहा था इंटरव्यू
जालसाज ने इलेक्ट्रिशियन, पलंबर, रीगर, जेसीबी ऑपरेटर, पिकप ड्राइवर, पेंटर, सरिया फीटर, सटरिंग कारपेंटर, एसी टेक्नीशियन, पाइप फीटर, फर्नीचर कारपेंटर, हेल्पर के लिए रविवार व सोमवार को इंटरव्यू होने की सूचना युवकों को दी थी। विज्ञापन में बताया गया था वेतन के अलावा रहने और खाने की सुविधा भी मिलेगी।
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