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पुरानी फाइलों में छिपे है कमीशखोरी के सबूत

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गोरखपुर। बीआरडी कांड की जांच में कमीशनखोरी के कई सबूत पुलिस के हाथ लग गए हैं। पुरानी फाइलों में छिपे कमीशनखोरी के खेल में कई की गर्दन फंसनी तय है। जांच में फाइलों के साथ छेड़छाड़ की बात पता चली है। यहीं से पुलिस का शक और गहरा गया है। वह अब पुराने प्रशासनिक अफसरों के करीबी कर्मचारियों को चिह्नित कर रही है। पुलिस इन्हें भी साजिश रचने का मुल्जिम बना सकती है। इससे मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। कुछ कर्मचारी रविवार को छुट्टी होने के बाद भी रिकॉर्ड रूम पहुंच गए। हालांकि इसकी जानकारी आम होते ही कर्मचारी ताला बंद कर फरार हो गए थे।
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बीआरडी कांड में नामजद नौ अभियुक्तों के जेल पहुंचने के बाद पुलिस आरोपियों से कई सवाल कर चुकी है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज से कई दस्तावेज भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं। इससे कई वर्तमान कर्मचारियों के साथ कई रिटायर्ड कर्मचारियों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। जांच में रिटायर्ड हो चुके कई लोग घेरे हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि ये सबूत उन्हें जेल पहुंचाने के लिए काफी हैं, जो कमीशनखोरी के जनक रहे हैं। हालांकि पुलिस इस पूरे मसले में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। पुलिस पर्याप्त सबूत जुटाने के बाद ही रिटायर्ड हो चुके लोगों पर हाथ डालेगी। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि निष्पक्ष जांच में जो भी दोषी होगा, सब पर कानूनी कार्रवाई होगी।
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