गोरखपुर। लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट घोटाले की जांच की आंच अब गोरखपुर तक पहुंच गई है। सीबीआई ने सिंचाई विभाग के बड़े ठेकेदार से तीन घंटे तक पूछताछ की। साथ ही टेंडर की पारदर्शिता और रिवरफ्रंट के कार्यों की जानकारी ली। ठेकेदार से आगे भी पूछताछ संभव है। माना जा रहा है कि ठेकेदार को सीबीआई अपना गवाह बना जा सकती है।
सपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट का निर्माण कराया था। इसकी सीबीआई जांच चल रही है। अब गोरखपुर के मेसर्स पटेश्वरी प्रसाद सिंह के प्रोपराइटर या पार्टनर को 12 फरवरी को नोटिस जारी करके लखनऊ तलब किया गया। 21 फरवरी को पूछताछ भी हुई। गोमती रिवरफ्रंट परियोजना के तहत डाली गई निविदा, अनुबंध गठन की जानकारी ली गई। एफडीआर, टिन, जीएसटी नंबर, पार्टनर प्रोपराइटर संबंधी दस्तावेज की जांच की गई।
ठेकेदार ने भी गोमती रिवरफ्रंट का काम कराया था। सीबीआई के अफसरों ने पूछा कि रिवरफ्रंट के ज्यादातर ठेके कुछ खास लोगों को दिए गए थे, फिर मेसर्स पटेश्वरी को काम कैसे मिला। ठेकेदार ने सवालों का जवाब दिया और कहा कि जांच में सहयोग करेंगे। पूछताछ के लिए जब भी बुलाया जाएगा, सीबीआई दफ्तर पहुंचेंगे। इसके बाद सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक (एसीबी) ने ठेकेदार को दफ्तर से बाहर जाने की अनुमति दी। साथ ही कहा कि जांच के लिए जब भी बुलाया जाएगा, लखनऊ आना होगा।