गोंडा। रेलवे में पुरानी व्यवस्था बहाल, अब सफर के लिए आरक्षण जरूरी नही होगा। वहीं अब एक फिर जिले के रेलवे स्टेेशन से 52 जोड़ी ट्रेनें संचालित होंगी। अभी तक स्पेशल ट्रेनों का ही संचालन हो रहा था। वहीं ट्रेनों के टिकट का किराया भी 20 मार्च 2020 के समय का हो गया है।
रेलवे के अफसरों का कहना है कि कोविड संकट को देखते हुए ट्रेनों के संचालन में कटौती थी और बिना आरक्षण के कोई सफर नही कर सकता था। रेलवे बोर्ड के नए फैसले से रेलवे स्टेशन पर लोगों में खुशी का ठिकाना नही रहा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
वहीं अब ट्रेनों में बेडरोल तथा पैंट्री कार की भी सुविधा यात्रियों को मिलेगा। अब गोंडा से होकर 56 जोड़ी सुपरफास्ट, मेल, एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनें से यात्रा करने वाले देवीपाटन मंडल वासियों को बहुत राहत मिलेगी। वर्तमान समय मे चलने वाली ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन व फेस्टिवल के रूप में चलाया जा रहा था।
जिससे यात्रियों को किराया ज्यादा देना पड़ता था। जिससे उनकी जेब भी ढीली होती थी। इससे करीब गोंडा से होकर चलने वाली 56 जोड़ी सुपरफास्ट, एक्सप्रेस, मेल व पैसेंजर ट्रेनों से यात्रा करने वाले देवीपाटन मंडल वासियों को काफी परेशान होना पड़ता था।
20 माह के बाद कोरना का प्रकोप कम होने के मद्देनजर रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (कोचिंग) राजेश कुमार ने बताया है कि रेलवे मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि भारतीय रेलवे में चलने वाली सभी ट्रेनें को फिर से चलाया जा रहा है।
अब यात्री ट्रेनों के जनरल डिब्बे में साधारण टिकट लेकर यात्रा का लुफ्त उठा सकेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के क्षेत्रीय परामर्श दात्री सदस्य पंकज कुमार श्रीवास्तव ने फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार गरीब तबके के व मजदूरों के लिए हितकर है।