गोंडा। जिले में सोमवार को आई धूल भरी आंधी व पानी ने जमकर तबाही मचाई। तेज आंधी से कई पेड़ व बिजली के खंभे गिर पड़े। शहर से लेकर गांव तक हुई इस तबाही में दो और लोगों की मौत हो गई। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। वहीं बिजली के पोल टूटने से कुछ गांवों में पिछले 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है।
जिले में सोमवार को आई तूफानी बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। तेज हवा की रफ्तार ने जिले में करीब सौ से अधिक पेड़ तथा 80 बिजली के खंभे गिर गए। आंधी के दौरान इटियाथोक थाना क्षेत्र में एक युवती की छत की सीढ़ी से गिर कर मौत हो गई थी। वहीं पेड़ गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। मनकापुर-मसकनवा मार्ग पर गडरही के पास एक छात्र की पेड़ से दबकर मौत हो गई।
मां गायत्री रामसुख पांडेय महाविद्यालय में परीक्षा देने जा रहे रुद्रगढ़ नौसी निवासी सत्यप्रकाश पांडेय (19) की पेड़ गिरने से दबकर मौत हो गई। बताया जा रहा था कि छात्र बाइक से जा रहा था तभी पेड़ उसके ऊपर गिर गया। वहीं मुजेहना के नौसी गांव के निवासी राममूरत की पेड़ गिरने से मौत हो गई। आंधी के समय राममूरत अपनी भैंस खोलने गया था तभी एक बड़ा पेड़ गिरने से उसकी दबकर मौत हो गई।
80 पोल टूटे, 24 घंटे से बिजली गुल
सोमवार को आई तेज आंधी-पानी से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। जिले में भर में बिजली के करीब 80 पोल टूटकर गिर गए। पोल व तार टूटने से ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। मंगलवार की दोपहर तक अधिकांश गांवों में आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। जिससे लोगों के इनवर्टर व मोबाइल बंद हो गए। बेलसर के शुक्लागंज उपकेंद्र से मिलने वाली बिजली सप्लाई पिछले 24 घंटे से ठप है।
सोमवार को करीब दस जगहों पर पोल टूटने व इंसुलेटर दगने से सप्लाई बाधित हो गई है। बेलसर के रगड़गंज कस्बा, गोपीपुर, बरसड़ा, बकसैला, पकवान गांव समेत कई गांवों में मंगलवार दोपहर तक सप्लाई ठप रही। सीएचसी बेलसर पर अंधेरा छाया रहा। जिससे मरीजों को एक्सरे व अन्य जांचों की सुविधा नहीं मिल सकी। लाइनमैन बसंत दुबे ने बताया की 33 हजार केवी की लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति बाधित है। आपूर्ति बहाल करने के लिए पेड़ काटकर लाइन ठीक की जा रही है।
अवर अभियंता अनीस पांडेय ने बताया टूटे खंभे, तार, इंसुलेटर की जानकारी करके जल्द ही बदला जाएगा। जल्द ही आपूर्ति शुरू की जाएगी।