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भीषण गर्मी में शुद्ध पेयजल को तरसी 14 हजार आबादी

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फोटो-12-गोंडा के राधाकुंड मुहल्ले में खराब हैंडपंप। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। भीषण गर्मी में शहर के वार्डों में लगे हैंडपंप खराब होने से शुद्ध पेयजल का संकट गहरा गया है। इन वार्डों में लगे आधे से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। मरम्मत के लिए स्थानीय लोगों ने शिकायत दर्ज करवाई लेकिन समस्या जस की तस बनी है। दूसरी ओर पाइप लाइन से जिस पानी की आपूर्ति हो रही है, उसमें बालू निकल रहा है। नगर के दो मोहल्लों की करीब 14 हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बड़गांव और राधाकुंड में पेयजल की किल्लत है। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार समस्या का निस्तारण नहीं कर रहे हैं।
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गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की मांग बढ़ जाती है, लेकिन नगरपालिका प्रशासन नगरवासियों को शुद्ध पेयजल ही नहीं मुहैया करा पा रहा है। नगर के वार्ड नंबर छह बड़गांव में खैरा कुंभनगर, मेडिकल कॉलोनी, रेलवे मस्जिद कॉलोनी व नई बस्ती शामिल हैं। यहां करीब छह हजार की आबादी निवास करती है। मगर शुद्ध पेयजल के नाम पर कुछ नहीं है। सभासद शेष चौरसिया का कहना है कि पेयजल को लेकर नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई गई है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कहा कि पालिका में पानी का जिम्मा संभालने वाले जिम्मेदार पुरानी पाइपलाइन के स्थान पर नई पाइपलाइन में पानी आपूर्ति की बात कह रहे हैं, लेकिन न नई लाइन और न पुरानी लाइन में पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां लगे हैंडपंपों में आधे से अधिक खराब हैं। वार्डवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
इसी तरह वार्ड नंबर 26 राधाकुंड में भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां राधाकुंड और महाबभनान दो मोहल्ले हैं। यहां की आबादी करीब आठ हजार है। यहां पाइपलाइन के माध्यम से की जा रही जलापूर्ति में बालू रहता है। इससे लोगों को दिक्कतें होती हैं। हैंडपंप भी साथ नहीं दे रहे हैं। शनिदेव मंदिर परिसर में लगा हैंडपंप काफी दिनों से खराब है। इसी तरह कई अन्य स्थानों पर लगे हैंडपंप बेकार साबित हो रहे हैं। सभासद अलंकार सिंह का कहना है कि गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या दूर नहीं की जा रही है। ऐसे में वार्डवासियों को काफी कठिनाई हो रही है। तमाम लोग तो डिब्बे वाला पानी मंगा रहे हैं, जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं वह गंदा पानी पीने को विवश हैं। शिकायत के बावजूद पेयजल की समस्या दूर कराने के लिए जिम्मेदार आगे नहीं आ रहे हैं। (संवाद)
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पेयजल संकट दूर कराने का हो प्रयास
राधाकुंड निवासिनी पिंकी श्रीवास्तव का कहना है कि पाइपलाइन से जो पानी आता है उसमें बालू रहता है। जो पीने लायक नहीं है। नगर पालिका को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करानी चाहिए। हैंडपंप भी साथ नहीं दे रहे हैं। ऐसे में मोहल्लावासियों को दिक्कतें होती हैं।
विशाल श्रीवास्तव ने कहा कि मोहल्ले के लोग बालू वाले पानी से परेशान हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गर्मी का मौसम चल रहा है। इस समय पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, मगर लापरवाही के कारण शुद्घ पानी मयस्सर नहीं है।
बड़गांव के महेंद्र साहू का कहना है कि वार्ड में नई पाइपलाइन बिछाई गई है। पुरानी पाइप लाइन के सहारे अभी भी आपूर्ति की जा रही है। कर्मचारी कभी नई तो कभी पुरानी पाइपलाइन का बहाना करके अपना पिंड छुड़ा ले रहे हैं। इससे मोहल्ले के लोगों को दिक्कतें हो रही हैं।
नीलेश कुमार का का कहना है कि शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पालिका को विशेष प्रयास करना चाहिए। गर्मी शुरू होने से पहले ही यदि पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए तो लोगों को समस्या से निजात मिल सकती है।
वार्डों में पानी की समस्या को लेकर जो शिकायतें आती हैं उनका प्रमुखता से निस्तारण कराया जाता है। पाइपलाइन से बालू आने की सूचना अभी तक नहीं मिली है। यदि ऐसी समस्या है तो जल्द ही इसका निस्तारण कराया जाएगा। हैंडपंपों की मरम्मत के लिए प्रयास चल रहा है। नगरवासियों को दिक्कतें नहीं होने दी जाएगी। संजय मिश्र, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका गोंडा
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