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134 गांवों में दस्तक देकर मच्छरों का लार्वा ढूंढ रही टीमें

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फोटो-11 गोंडा के पड़री कृपाल में एंटी लार्वा का छिड़काव करती मलेरिया विभाग की टीम। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। पिछले साल डेंगू, मलेरिया, जापानी इंसेफ्लाइटिस व अन्य मच्छर जनित रोगों का जिले में खासा प्रकोप था। जिले के जिन 134 गांवों में रोगी मिले थे उन पर मलेरिया विभाग ने अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखकर विशेष निगरानी शुरू की है। इसके तहत मलेरिया विभाग के निरीक्षक स्वास्थ्य कार्यकर्ता के साथ चिह्नित गांवों में पहुंचकर छतों पर पड़े टायर, पौधों के गमलों व आवासीय आबादी के बीच गड्ढों में जलभराव की जांच कर वहां मच्छरों के लार्वा ढूंढ़े रहे हैं। अभी तक चले दस्तक अभियान के तहत टीमों को करनैलगंज के रेवाड़ी तथा हलधमऊ के मकराही गांव में मच्छर का लार्वा मिला, जिसे नष्ट कराया गया। इस दौरान यह भी परखा जा रहा है कि किस क्षेत्र में मच्छरों के लार्वा की मात्रा अधिक मिल रही है ताकि वहां रोस्टर आधारित फागिंग व एंटी लार्वा रोधी कार्रवाई करायी जा सके।
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चार मलेरिया इंस्पेक्टर कर रहे निरीक्षण
जिले के अतिसंवेदनशील गांवों का निरीक्षण कर उनमें साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चार मलेरिया इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें डॉ. पुपेंद्र कुमार मिश्र को इटियाथोक, मुजेहना, खरगूपुर तथा करनैलगंज क्षेत्र में झिड़काव की जिम्मेदारी दी गई है। सुनील चौधरी को मनकापुर,बभनजोत, छपिया तथा पड़री कृपाल क्षेत्र आवांटित किया गया है जबकि वरिष्ठ मलेरिया निरीक्षक मनोज कुमार को हलधरमऊ, कटरा बाजार, परसपुर, काजीदेवर व वजीरगंज तथा भवानी प्रसाद को बेलसर, तरबगंज, नवाबगंज तथा नगर क्षेत्र में निरीक्षण कर मच्छरजनित रोगों से बचाव के इंतजाम करना है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मंजुला आनंद ने बताया कि सभी ब्लॉक में खंड विकास अधिकारियों को तथा नगरपालिकाओं व नगर पंचायतों में ईओ को प्रयाप्त मात्रा में एंटी लार्वा दे दिया गया है। इसके छिड़काव की जिम्मेदारी ग्राम व नगर पंचायतों तथा नगरपालिका की है।
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डेंगू के लक्षण
व्यक्ति को जाड़े के साथ तेज बुखार आना।
त्वचा पर लाल चकते और भूख न लगना।
सिरदर्द, गले में खराश, पसीना आना।
शरीर में थकान और बेचैनी होना।
उल्टी और मांसपेशियों में दर्द होना।
बचाव के लिए सावधानी जरूरी
घरों में नियमित सफाई करते रहे।
कूलर, बर्तनों व आसपास पानी एकत्र न होने दें।
घरों मच्छरदानी का प्रयोग करें।
नालियों व घरों में मच्छरों का लार्वा नष्ट करने के लिए एंटी लार्वा दवा का छिड़काव करें।
बुखार होने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में दिखाएं।
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