गोंडा। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले एक साल में नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। करीब साढ़े नौ हजार से अधिक गर्भवती महिलाएं व दो साल तक के बच्चों को टीके नहीं लग पाए हैं। नियमित टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिला व बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए सात मार्च से मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। टीमें घर-घर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करेंगी और टीके लगाएंगी। माइक्रो प्लान तैयार कर परिक्षण व अन्य गतिविधियां फरवरी माह में शुरू हो जाएंगी।
स्वास्थ्य विभाग ने 24 जनवरी से 29 जनवरी तक अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक हुए नियमित टीकाकरण का सर्वे कराया। सर्वे में सामने आया कि गर्भवती महिलाओं व जन्म से दो साल तक के अधिकांश बच्चों को सात जानलेवा बीमारियों से बचाव के सभी टीके नहीं लगे हैं। सर्वे में 9500 गर्भवती महिलाएं व बच्चे टीकाकरण से वंचित पाए गए। शासन का सात बीमारियों के नियंत्रण पर विशेष ध्यान है। सात मार्च से 14 मार्च तक मिशन इंद्रधनुष चलाकर टीकाकरण किया जाएगा। हर साल मिशन इंद्रधनुष केवल एक ही माह चलता था। शासन ने तीन चरणों में अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आशा वर्कर और एएनएम सात तारीख से अभियान चलाएंगी और घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करेंगी, साथ ही उनका टीकाकरण करेगी।
इन बीमारियों से बचाव को लगते हैं टीके
मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती व जन्म से दो साल तक बच्चों को काली खांसी, टिटनेस, गला घोटू, पोलियो, पीलिया, टीबी और दिमागी बुखार से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं। अभियान का पहला चरण सात मार्च से 14 मार्च तक चलेगा। दूसरा चरण चार अप्रैल से तथा तीसरा चरण दो मई से शुरू किया जाएगा।
कोविड व नियमित टीकाकरण अभियान एक साथ चलेगा
- कोरोनारोधी टीकाकरण व नियमित टीकाकरण एक साथ चलाया जाएगा, इसकेे लिए माइक्रो प्लान तैयार किए जा रहे हैं। गांवों में आशा वर्कर घर-घर जाकर महिलाओं व बच्चों का टीकाकरण करेंगी, वहीं साथ में कोरोनारोधी वैक्सीन से वंचित महिलाओं को टीका लगाया जाएगा।
कोरोना संक्रमण में कोविड टीकाकरण महाअभियान के चलते नियमित टीकाकरण प्रभावित हुुआ है। जनवरी में कराए गए सर्वे के अनुसार 9500 गर्भवती महिलाएं व दो साल से छोटे बच्चे नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। फिर से सर्वे कराने के लिए प्रशिक्षण व अन्य गतिविधियां शुरू कर दी गई है। मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण से वंचित करीब 15 हजार गर्भवती महिलाओं व बच्चों को टीका लगाया जाएगा। डॉ. जयगोविंद, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी