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तीन लाख युवाओं को बूस्टर डोज की दरकार

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गोंडा। जिले के करीब तीन लाख युवाओं को कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज की दरकार है। गाइड लाइन के अनुसार युवाओं को बूस्टर डोज निजी अस्पतालों में निर्धारित पैसे चुकाकर लगवाने हैं लेकिन कोई भी निजी अस्पताल बूस्टर डोज लगाने में रुचि नहीं ले रहा है।
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जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर बढ़ने लगी है। नौ महीने पहले वैक्सीन की दूसरी डोज लगवा चुके युवाओं के मोबाइल फोन पर अब बूस्टर डोज लगवाने के लिए मेसेज आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार 10 अप्रैल से जिले में 18 साल से अधिक आयु वाले लोगों को कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई जानी थी।
यह डोज सरकारी अस्पतालों में न लगकर निजी अस्पतालों में 387 रुपये शुल्क देकर लगवानी थी लेकिन अभी तक किसी भी अस्पताल ने बूस्टर डोज खरीदने के लिए स्लॉट नहीं बुक किया। ऐसे में युवाओं को वैक्सीन का बूस्टर डोज लगवाना मुश्किल हो रहा है।
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बूस्टर डोज लगाने के लिए निजी अस्पताल नुकसान के भय से आगे नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि वैक्सीन के एक वॉयल (पांच एमएल) में 10 लोगों को टीका लगना होता है लेकिन वॉयल खुलने के बाद चार घंटे तक ही इसे लगाया जा सकता है। यदि इस दौरान 10 लोग नहीं पहुंचे तो नुकसान तय है।
जिले के निजी अस्पतालों को 18 प्लस बूस्टर डोज की वैक्सीन खरीदने के लिए स्लॉट बुक करने को कहा गया था लेकिन अभी तक किसी ने भी स्लॉट बुक नहीं कराया है। इस वजह से 18 से 60 आयु वर्ग के सामान्य लोगों को कोरोना की बूस्टर डोज नहीं लग पा रही है। हालांकि 60 साल से अधिक आयु वाले लोगों के लिए सीएमओ कार्यालय व अन्य स्थानों पर बूस्टर डोज लगवाने की व्यवस्था की जा रही है।
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-अरविंद कुमार, टीकाकरण प्रभारी
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