करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी खतरे के निशान 106.07 मीटर से करीब 53 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी ने अब तबाही मचानी शुरू कर दी है। एक तरफ बरसात तो दूसरी तरफ कटान ने बांध के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बांध को बचाने के लिए बनाए गए तीन स्परों की मिट्टी पत्थरों के बीच से बह गई है। ये सभी स्पर अंदर से खोखले हो रहे हैं। बांध तक नदी पहुंचने से रोकने के लिए बल्ली पायलिंग भी धारा में बह गई। अब तक 200 बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ चुकी है।
सरयू में पानी का डिस्चार्ज तीन लाख क्यूसेक के आसपास पहुंच गया है, जिससे नदी ग्राम बेहटा, पारा, मांझा रायपुर, बहुवन मदार मांझा, घरकुइयां, चंदापुर किटौली के सामने कटान कर रही है। बृहस्पतिवार शाम से शुक्रवार के बीच नदी करीब दो सौ बीघा से अधिक खेत और खाली पड़ी जमीन को निगल चुकी है।
ग्राम नकहरा के दस मजरों नकहरा, तीरथराम पुरवा, शंभर पुरवा, दुलारे पुरवा, छांगुरलाल पुरवा, देव किशुन पुरवा, राधेपुरवा, मछारनपुरवा, पुहिल पुरवा, अयोध्या पुरवा, सांवल पुरवा तथा बेहटा के रेता पुरवा, चरपुरवा, गोड़ियनपुरवा, चंदापुर किटौली के दो मजरे बिचला, धुसवा के साथ ग्राम पारा के दो मजरे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
ग्राम नकहरा के ग्रामीण शिवशंकर, मनोज, रामसहाय, तिलकराम, अंगनू का कहना है कि सरकारी लंच पैकेट पर्याप्त नहीं मिल रहे हैं। घर में 10 लोगों का परिवार है तो पांच लोगों को भोजन का पैकेट दिया जा रहा है। उधर, बाराबंकी जिले के ग्राम बेहटा, पारा के बाढ़ प्रभावित लोगों का आरोप है कि अभी तक कोई सरकारी सहायता उन्हें नहीं मिली है।
संख्या के अनुसार बढ़ाएंगे लंच पैकेट
उपजिलाधिकारी यशवंत राव का कहना है लगातार बाढ़ पर नजर रखी जा रही है। पूरी टीम बाढ़ शिविर में मौजूद रहती है। ग्राम नकहरा के सभी मजरों में बाढ़ का पानी घुस गया। पर्याप्त लंच पैकेट बनवाए जा रहे हैं। जैसे-जैसे बाढ़ पीड़ित परिवारों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे लंच पैकेट भी बढ़ाए जा रहे हैं।
नंबर गेम
एल्गिन ब्रिज पर सरयू का जलस्तर-106.600 मीटर
एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान -106.070 मीटर
अयोध्या में सरयू का जलस्तर -93.170 मीटर
अयोध्या में खतरे का निशान- 92.730 मीटर
कुल डिस्चार्ज- 303026 क्यूसेक