गोंडा। जिले में 428 स्कूली वाहनों में 50 वाहन ऐसे हैं जो चलने लायक नहीं हैं। मगर वाहन मालिकों ने इन वाहनों को न तो ठीक कराया और न इनका फिटनेस कराया है। कोरोनाकाल में स्कूलों को बंद करने का आदेश होने के बाद अधिकांश स्कूलों के वाहनों के चक्के थम गए। खड़े-खड़े कई वाहनों में तकनीकी खराबी आ गई तो कुछेक चलने लायक नहीं रह गए। वाहन मालिकों ने ऐसे वाहनों को न दुरुस्त कराया और न उनका फिटनेस कराया है। विधानसभा चुनाव के लिए अधिग्रहीत किए वाहनों की संभागीय परिवहन विभाग ने मांग की है। आरटीओ की टीम ने वाहनों को सत्यापन करा लिया है। वाहन मालिक चुनाव में वाहन न भेजने के बहाने तलाशने में जुटे हैं। विधानसभा चुनाव में बसें न भेजने वाले वाहनों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने की तैयारी है।
विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों को बूथों तक पहुंचाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने 5254 वाहनों को अधिग्रहण किया है। इनमें से 428 स्कूली वाहनों का भी अधिग्रहण किया गया है। विधानसभा चुनाव में समय से वाहनों को चिन्हित स्थल शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज व पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले संभागीय परिवहन विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने 400 स्कूलों में पहुंचकर वाहनों का स्थलीय निरीक्षण किया। स्कूलों के वाहन तकनीकी रूप से चलने लायक है या नहीं बाकायदा इसकी जांच के बाद सत्यापन रिपोर्ट सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को दी गई।
रिपोर्ट में विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल में आने वाली 275 बसें ऐसी मिलीं जो 20 सीटर हैं। इन बसों का सत्यापन किया गया तो 130 बसें अनफिट मिलीं। जिन्हें फिटनेस कराने के निर्देश दिए गए हैं। अफसरों ने अनफिट मिली बसों के मालिकों को तीन दिनों में फिटनेस कराने के निर्देेश दिए हैं। बस मालिकानों को हिदायत दी है कि चुनाव में समय से बसें नहीं भेजी गईं तो बसों को पंजीयन निलंबित कर दिया जाएगा।