गोंडा। जिले की सीएचसी में अंतराल दिवस मनाया गया। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेतहर प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में विभाग की ओर से कई पहल किए जा रहे हैं। आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अंतराल दिवस आयोजित कर परिवार नियोजन की जानकारी देने के साथ गर्भनिरोधक सामान साधन वितरित किए जा रहे हैं।
सभी सीएचसी पर कैंप लगाकर आईयूसीडी, अंतरा इंजेक्शन, छाया गोली, माला-एन व कंडोम का वितरण कर परिवार नियोजन की नि:शुल्क सेवाएं प्रदान की गई। इसमें सात लोगों को दो बच्चों के जन्म में तीन साल का अंतर मां-बच्चे के स्वास्थ्य का मुख्यमंत्र बताया गया। सीएचसी करनैलगंज में अधीक्षक डॉ. सुरेश चंद्रा के नेतृत्व में अंतराल दिवस का आयोजन किया गया। नव विवाहित योग्य दंपतियों एवं दो या दो से अधिक बच्चों वाले माता-पिता को परिवार नियोजन संसाधनों को अपनाने के प्रति जागरूक किया गया। सात लाभार्थियों को उनके पसंदीदा साधन नि:शुल्क मुहैया कराए गए सात स्टाफ नर्स वंदना ने बताया कि चार अंतरा इंजेक्शन, पांच आपातकालीन गर्भनिरोधक गोली (ईसी पिल्स), 12 माला-एन, 18 छाया गोली, 50 पीस कंडोम व एक आईयूसीडी की सेवा लाभार्थियों को प्रदान की गई।
सीएचसी इटियाथोक के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में अलग काउंटर लगाकर परिवार नियोजन के स्थाई एवं अस्थाई साधनों का लाभ उठाने के लिए लोगों को प्रेरित किया गया। परसपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ लवकेश शुक्ला ने कहा कि परिवार नियोजन की जरूरत, नसबंदी से फायदे, सही उम्र में विवाह, बच्चों के जन्म सही समयांतराल, नवदंपतियों के लिए उपयुक्त गर्भ निरोधक के प्रयोग एवं परिवार नियोजन के अन्य अस्थायी साधन अपनाने पर जोर दिया गया। स्टाफ नर्स दृष्टि रावत के बताया कि तीन अंतरा इंजेक्शन, 10 माला-एन, 15 महिलाओं को छाया गोली, 44 पीस कंडोम, 10 पीपी आईयूसीडी व एक आईयूसीडी की लगाया गया।
महिलाओं ने सीखे परिवार नियोजन के गुर
सीएचसी परसपुर में कटैला गांव से पहुंची लाभार्थी अनुपम ने बताया कि एएनएम से अंतराल दिवस के बारे में जानकारी मिलने पर यहां आई, तो सभी साधनों के बारे में अच्छे से समझ आया। बास्केट ऑफ च्वाइस से मैंने अंतरा इंजेक्शन चुना। मैं बहुत खुश हूं कि मनचाहा गर्भनिरोधक साधन मिल गया। डमरैया से आई बावनमती ने अंतरा इंजेक्शन का लाभ लेने के बाद कहा कि अस्पताल आ तो गयी थी, पर डर लग रहा था कि साधन अपनाने के बाद कुछ परेशानी न झेलनी पड़ जाए, पर जब स्टाफ नर्स दृष्टि रावत ने सबके उपयोग और फायदों के बारे में बताया, तो डर ख़त्म हुआ।
मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर में कमी लाना है उद्देश्य
एसीएमओ डॉ. एपी सिंह का कहना है कि प्रत्येक सप्ताह में स्वास्थ्य केंद्रों पर अंतराल दिवस मनाया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु-दर में कमी लाना है। परिवार कल्याण कार्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए आमजन का सहयोग जरूरी है।