करनैलगंज(गोंडा)। लगातार बारिश और पहाड़ी नालों से छोड़े जा रहे पानी से सरयू (घाघरा) का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बुधवार की शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश गुरुवार को भी जारी रही। घाघरा के कछार पर बसे गांवों में बारिश का पानी भर गया। बांध मरम्मत का हो रहा कार्य प्रभावित हो गया है। बारिश से बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जो शुक्रवार तक एल्गिन-ब्रिज तक पहुंच जाएगा। इससे नदी एक बार फिर उफान पर होगी। इससे ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।
गुरुवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 105.786 पर चल रहा था। जो खतरे के निशान से करीब 25 सेंटीमीटर नीचे है। मगर बैराज से छोड़े गए 2 लाख 69 हजार 425 क्यूसेक पानी के शुक्रवार सुबह तक पहुंचने के आसार दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा नदी के आसपास के सभी जिलों में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी तेजी से हो सकती है। बारिश के चलते एल्गिन चरसड़ी बांध पर मरम्मत का कार्य प्रभावित हुआ है। बांध में कई जगह रैंनकट्स आ गए हैं। जिससे बांध कमजोर हो रहा है। उधर ग्राम चंदापुर किटौली में एल्गिन चरसड़ी बांध पर जहां पर कटान हुई थी। वहां पर बांध को मजबूत कर लिया गया मगर उसके आसपास बांध से सटकर नदी का बहाव तेजी से हो रहा है। जिससे बांध को खतरा बना हुआ है।
नदी की धारा बांध से 400 मीटर से अधिक दूरी पर थी, वह अब नदी बांध के किनारे आ गई है। बांध को खतरा बना हुआ है। हालांकि, बांध पर लगातार निगरानी चल रही है फिर भी नदी में उठ रहे मसीना से बांध को खतरा कम नहीं हुआ है, बल्कि किसी भी समय मसीना उठने से कहीं भी बांध में कटान शुरू हो सकती है। एसडीएम हीरालाल का कहना है कि बांध पर निगरानी के लिए राजस्व निरीक्षक व लेखपाल की टीम के साथ बाढ़ खण्ड के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बांध के आसपास के गांवों में भी निगरानी चल रही है।