गोंडा। केंद्र सरकार की ओर से बच्चों को वैक्सीन लगाने की अनुमति मिलने के बाद अब जिले के छह लाख बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने 2 से 18 साल के बच्चों के टीकाकरण के लिए सर्वे कर सूचीबद्ध करना शुरू कर दिया है।
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के पहले बच्चों व किशोरों को कोरोनारोधी वैक्सीन लगाने की कवायद शुरू होने वाली है। स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिले में दो से अट्ठारह साल तक के करीब छह लाख बच्चों को कोरोनारोधी टीका लगाया जाना है।
इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षकों के साथ बैठक कर बच्चों का सर्वे कराने व स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने की रणनीति तैयार की है। दो से लेकर 18 साल तक उम्र के बच्चों का सर्वे कराकर चिह्नित किया जा रहा है। हालांकि अभी तक स्वास्थ्य विभाग को शासन की ओर से कोई आदेश नहीं मिले हैं।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की शुरुआत में 16 जनवरी से जिले में टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई है। पहले चरण में फ्रंट लाइन वर्करों व हेल्थ केयर वर्करों को वैक्सीन दी गई। उसके बाद 45 साल से अधिक उम्र वालों को टीका लगाने के बाद 18 साल से अधिक आयु वाले युवाओं को कोरोनारोधी टीका लगाया जा रहा है। इसके बाद अब दो वर्ष से लेकर अट्ठारह वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाने पर मंथन किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जय गोविंद का कहना है कि जल्द ही बच्चों का सर्वे कराकर उनको टीकाकरण के लिए चिह्नित किया जाएगा। वैक्सीन मिलते ही टीकाकरण की शुरुआत की जाएगी। बच्चों को यह टीका कितने दिन में लगेगा, यह कहना अभी मुश्किल है।
प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिस तरीके से इस समय अन्य लोगों को वैक्सीन लग रही है, उस हिसाब से इसमें करीब दो से तीन महीने लग सकते हैं। यह वैक्सीन की उपलब्धता पर निर्भर है। विभाग को बच्चों का टीकाकरण कराने में कोई खास दिक्कत नहीं आएगी। पहले से ही टीकाकरण चल रहा है। इसके लिए कोई तैयारी व ट्रेनिंग की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर जल्द टीका उपलब्ध हो जाता है तो बड़ों के टीके के साथ बच्चों का टीका शामिल करते हुए टीकाकरण कराएगा।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हो रहे टीकाकरण अभियान के तहत जिले के 19 लाख 96 हजार 774 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसमें 15 लाख 48 हजार 139 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई है तथा 4 लाख 48 हजार 605 लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी गई।
करीब चार लाख लोगों ने निर्धारित समय बीतने के बाद भी वैक्सीन का दूसरा टीका नहीं लगवाया। कोविशील्ड के दो लाख 97 हजार 146 व कोवैक्सीन के 98 हजार 377 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनकी दूसरे डोज की निर्धारित तारीख बीतने के बाद भी उन्हें टीका नहीं लगाया जा सका है। प्रदेश स्तर पर जारी की गई रैंकिंग में जिले को 67वीं रैंक मिली है।