गोंडा। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की तरफ से 24 अगस्त को आयोजित कराई जा रही पीईटी परीक्षा को पूरी शुचिता के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा खाका तैयार कर लिया गया है।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों तथा केन्द्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक कर शासन की मंशा से अवगत कराया तथा स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षा को सकुशल व पूर्ण शुचिता के साथ सम्पन्न कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारी व केन्द्र व्यवस्थापकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा है कि आयोग के नियमों, निर्देशों का यदि कहीं जरा भी विचलन किए जाने की बात आई तो संबंधित पर्यवेक्षक, केंद्र व्यवस्थापक तथा संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए एफआईआर दर्ज कराकर वहीं से जेल भेजा जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में पीईटी परीक्षा के लिए कुल 38 परीक्षा केन्द्र बनाए गए हैं जहां पर दो पालियों में 31 हजार अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्र के अंदर किसी भी दशा में किसी भी अभ्यर्थी को घड़ी, कैलकुलेटर, मोबाइल अन्य विद्युत उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि गेट पर सख्ती से अभ्यर्थियों की तलाशी सुनिश्चित कराने के साथ ही आयोग के निर्देशानुसार हर स्तर पर पूरी पारदर्शिता व सख्ती बरती जाएगी। उन्होंने आगाह किया कि प्रारंभिक पात्रता परीक्षा 2021 को पूरी शुचिता के सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह कटिबद्ध है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग के अधिकारियों को स्थानीय अभिसूचना इकाई को तत्काल सक्रिय कर परीक्षा से संबंधित प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के आदेश दिए हैं।
बैठक में उपरांत परीक्षा से संबंधित सभी अधिकारियों तथा केन्द्र व्यवस्थापकों द्वारा वृृहद प्रशिक्षण भी दिया गया जिसमें आयोग के विभिन्न निर्देशों तथा क्या, कब और कैसे करना है, के बारे में विस्तार से बताया गया। इस दौरान एडीएम राकेश सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सूरज पटेल, एएसपी शिवराज, नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित परीक्षा केन्द्रों के केन्द्र व्यवस्थापक उपस्थित रहे।