फोटो-28 गोंडा के गांधी पार्क में प्रदर्शन करते शिकक्ष। संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। पुरानी पेंशन की बहाली के लिए शिक्षक व कर्मचारी 17 सालों से आंदोलन कर रहे हैं। विस चुनाव के पहले हर विधायक और सांसद को ज्ञापन सौंपकर पुरानी पेंशन का हक मांगा। इसके बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हुई, ऊपर से बीते दिनों मुख्य सचिव ने नई पेंशन स्कीम को पुरानी पेंशन से बेहतर बताया था। इसे शिक्षकों और कर्मचारियों ने इंकार किया है। उनका कहना है कि हाल के दिनों में नई पेंशन स्कीम के कर्मियों की सेवानिवृत्ति देखी है। इसमें पेंशन तो मिलना दूर, सरकारी कर्मियों को सिर्फ तनाव मिला है। 60 साल तक सेवा देने के बाद का सहारा चाहिए। बुढ़ापे की लाठी है पुरानी पेंशन, इसे लेकर रहेंगे।
रविवार को गांधी पार्क मैदान में विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन इकाई ने पुरानी पेंशन बहाली पर पदाधिकारियों से चर्चा की। जिला अध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा किसी भी हालत में पुरानी पेंशन को सरकारों को बहाल कर देना चाहिए। यह चुनावी मौसम है, सभी पार्टियों को अपने घोषणापत्र में महत्वपूर्ण रूप से कर्मचारियों - शिक्षकों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन की बात रखनी चाहिए। जिला मंत्री रंजीत गौतम ने पुरानी पेंशन पर जोर देते हुए कहा कि यह कर्मचारियों शिक्षकों के भविष्य का सवाल है। जिला मंत्री सतीश पांडे ने कहा कि जब तक पेंशन बहाल नहीं होगी, हम सभी शिक्षक कर्मचारियों का आंदोलन चलता रहेगा। बैठक में मंडल अध्यक्ष आजाद बेग, मंडल महामंत्री संजीव मिश्र, जिला महामंत्री देवेंद्र कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभय गिरी बाबा, जिला मंत्री शान मोहम्मद, जिला मीडिया प्रभारी राम प्रकाश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष हकीकुल्लाह, ब्लॉक अध्यक्ष संदीप सिंह, ब्लॉक संरक्षक मनकापुर जितेंद्र वर्मा, ब्लाक अध्यक्ष मनकापुर राम गोपाल आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
मतदान से दिखाएंगे शिक्षक व कर्मचारी अपनी ताकत
शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि चुनाव में एकजुट होकर मतदान करना है। अपने मताधिकार का प्रयोग हर किसी को करना है। इसी लोकतंत्र में हम अपनी ताकत दिखाएंगे। जिलाध्यक्ष अनूप सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के परिवार का हर सदस्य मतदान करेगा। जिले को मतदान में नंबर एक बनाना है और एक सशक्त लोकतंत्र के लिए अपना योगदान करना है। उन्होने कहा कि शिक्षक अभिभावकों को भी मतदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। जिले का मतदान प्रतिशत ऐसा होगा, जिससे पूरे प्रदेश में जिले का नाम हो। मतदान से ही हमारे हक की आवाज बुलंद हो सकेगी।