फोटो-5-गोंडा के करनैलगंज मंडी में सड़क पर लगीं दुकानें। -संवाद
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करनैलगंज (गोंडा)। आला अफसरों की उदासीनता से जिले में संचालित संयुक्त अनाज, सब्जी व फल मंडी अव्यवस्थाओं का शिकार बनी है। इसके चलते लाइसेंस धारक कारोबारी परेशानहाल है। मंडी कर्मियों की साठगांठ से दुकानों का आवंटन कराने वाले विभागीय खाते में 800 से एक हजार तक चुका कर खुद इन दुकानों के किराए से पांच हजार रुपया तक की किराया राशि वसूल रहे हैं। इतना नहीं पूरे मंडी परिसर में अवैध पटरी दुकानदारों की बहार है। इनसे भी जमकर अवैध वसूली होती है। शिकायत करने पर जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर नोटिस थमाकर चुप्पी साध लेते हैं।
करनैलगंज की मशहूर गल्ला एवं सब्जी मंडी विभागीय अधिकारियों की उदासीनता व लापरवाही के कारण वर्तमान में अवैध कारोबारियों का शरणस्थल बनी नजर आती है। अधिकृत तौर पर मंडी में अनाज एवं लकड़ी के 77 और सब्जी व फल के 108 लाइसेंस धारी हैं। मगर किसी भी लाइसेंस धारक का व्यापार आवंटित दुकानों में नहीं हो रहा है। गल्ला व्यापारियों की दुकानें करीब 12 वर्ष पूर्व आवंटित हुई थी। तभी से लगातार की जा रही व्यापारी सुविधाओं की मांग को अनदेखा किया जा रहा है। इसके चलते ही क्षेत्र के गल्ला व्यापारी मंडी में अपना व्यापार नहीं कर रहे हैं। उनको आवंटित दुकानें बंद हैं और उसका किराया मंडी समिति वसूल रही है। कुछ आवंटी तो मंडी समिति के खाते में 800 से 1000 तक का निर्धारित किराया जमा कर इन दुकानों को दूसरों को किराए पर देकर चार से पांच हजार तक की वसूली कर रहे हैं।
सब्जी व फल के आढ़ती सदरुद्दीन राइनी, जमील अहमद राइनी, शेषपाल मौर्या, पीर गुलाम राइनी फल आढ़ती व अनिल मौर्या का कहना है कि मंडी की हालत बेहद खराब है। यहां सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। केवल व्यापारियों का शोषण होता है। करनैलगंज मंडी में फल एवं सब्जी के 108 लाइसेंस धारी हैं। जिसमें से मात्र आधा दर्जन व्यापारी ही अपने आवंटित दुकानों में व्यापार कर रहे हैं। बाकी करीब 100 व्यापारी आवंटित दुकानों में व्यापार न करके चबूतरे पर या मंडी के मार्ग पर अपनी दुकान चला रहे हैं।
जांच कर हटवाया जाएगा अतिक्रमण
मंडी समिति के अध्यक्ष व उपजिलाधिकारी हीरालाल ने बताया कि जो व्यापारी आवंटित दुकानों में व्यापार नहीं कर उन्हें किराए पर उठा कर अथवा अपनी अलग दुकान संचालित कर रहे हैं, उनकी जांच कराकर नोटिस जारी किया गया है। निर्धारित अवधि तक स्वत: अवैध कब्जा न हटाने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर अवैध अतिक्रमण को हटाने का अभियान संचालित होगा।