गोंडा। बाइकों के साइलेंसर बदलकर तेज ध्वनि वाले साइलेंसर लगाने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लोगों की श्रवण क्षमता पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। लोगों को इससे निजात दिलाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने बाइकों में कंपनी की ओर से लगाए गए साइलेंसर को बदलकर तेज ध्वनि का साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की है। परिवहन नियमों के तहत अब साइलेंसर मॉडीफाई कराने वालों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए जाएंगे।
युवाओं में हाई स्पीड बाइक ड्राइविंग के साथ बाइक को अलग रूप देने का चलन तेली से बढ़ा है। पिछले पांच साल में युवाओं में स्टाइलिस्ट बाइक से फर्राटा भरने का शौक बढ़ा है। हर तीसरे नवयुवक के हाथ में स्टाइलिस्ट बाइक ही नजर आती दिखाई देने लगी है। हालांकि बाइक निर्माता कंपनियां बाइकों के माइलेज पर प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
मगर बाइक का लुक एक्सट्रा स्टाइलिस्ट नजर आए। इस ओर कंपनियों का ध्यान नहीं है। कारण साफ है, बाइक निर्माता कंपनियां बाइकों के निर्माण के दौरान निर्माता की शर्तों के मुताबिक निर्माण करा रही हैं। कंपनी से बाइकें शो-रूम पहुंचती हैं। इसके बाद उसके खरीदार के हाथ में बाइक पहुंचते ही बाइकों के शौकीन उसमें बदलाव करते हैं।
हाई स्पीड ड्राइविंग के साथ बाइक को नया रूप देने की युवाओं में होड़ लगी है। युवाओं की पसंद इन दिनों सबसे ज्यादा बुलेट बाइक है। माना जा रहा है कि बुलेट युवाओं के लिए स्टेटस सिंबल बन गई है। जिले के बुलेट शो-रूम के एक माह के आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह में अन्य बाइकों की अपेक्षा कीमत अधिक होने के बाद भी पांच बुलेट की बिक्री हो रही है।
बुलेट के शौकीन युवा ड्राइविंग के दौरान तेज ध्वनि के कारण बुलेट के साइलेंसर में बदलाव करा रहे हैं। इससे बुलेट की ड्राइविंग के दौरान पास से गुजरने वाले लोगों की श्रवण क्षमता पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ रहा है। यानि पास से गुजरने वाले लोगों की श्रवण क्षमता कम हो रही है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए संभागीय परिवहन विभाग ने बाइकों में मॉडीफाई साइलेंसर के खिलाफ अभियान चला रखा है। चेकिंग में पकड़े जाने पर अब जुर्माना के साथ ही बाइक का रजिस्ट्रेशन निलम्बित कर दिया जाएगा।