गोंडा। कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली कार्यों में पीछे रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ डीएम ने कड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं राजस्व वसूली की मासिक समीक्षा बैठक में लक्ष्य के अनुरूप प्राप्ति न करने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने, कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की हैं।
बैठक के दौरान स्टांप देयकों में पीछेे रहने पर सब रजिस्ट्रार तरबगंज का वेतन रोकने, देयकों की जानकारी न दे पाने व पोर्टल पर प्रदर्शित डाटा एवं उपलब्ध कराए गए डाटा में भिन्नता मिलने पर ज्वाइंट कमिश्नर वाणिज्य के खिलाफ कार्यवाही के लिए आयुक्त वाणिज्य कर को पत्र लिखा गया।
प्रमुख सचिव वाणिज्य को पत्र लिखने, लक्ष्य के अनुरूप प्राप्ति न करने एवं बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर वन विभाग के अधिकारियों से जवाब तलब करने, खनन की राजस्व वसूली न करने पर सभी तहसीलदारों व सीआरए का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने, मण्डी की वसूली संतोषजनक न करने पर सभापति मंडी व मंडी सचिव का वेतन रोकने, विद्युत देयकों संबंधी सही स्टेटमेंट न प्रस्तुत करने पर जिम्मेदारों का उत्तरदायित्व निर्धारित करने तथा स्वामित्व योजना के तहत घरौनी का अक्षंाश व देशांतर की फीडिंग न कराने पर एसडीएम मनकापुर, तहसीलदार मनकापुर व तरबगंज से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के आदेश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में डीएम ने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति न हासिल करने वाले सभी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। समीक्षा बैठक में स्टाम्प, आबकारी, परिवहन, विद्युत, वन, खनन, सिंचाई, श्रम, बैंक देय, वाणिज्य कर की समीक्षा के साथ ही विभिन्न स्तरों पर लम्बित वादों एवं शिकायती प्रकरणों की भी समीक्षा हुई।
डीएम ने आदेश दिए कि जिन अधिकारियों के स्तर पर तीन माह से अधिक अवधि के प्रकरण लंबित हैं, उनका वेतन अग्रिम आदेशों तक आहरित न किया जाय। यह भी निर्देश दिए कि एसडीएम स्वयं अपनी तहसील के अंतर्गत आने वाले सभी थानों का निरीक्षण कर लें।
फौजदारी मामलों की पत्रावलियां समय से दाखिल दफ्तर करा दें। आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि अवैध शराब के विरूद्ध अभियान चलाएं। एआरटीओ को निर्देश दिए कि प्रवर्तन मामलों में तेजी लाएं तथा पकड़े गए वाहन स्वामियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराएं।
बैठक में उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर अपवंचन के मामलों, बैंक देयकों के मामलों में आरसी जारी कराकर वसूली सुनिश्चित कराएं। उन्होंने एडीएम को निर्देश दिए कि वे सप्ताह के प्रत्येक बुधवार व शनिवार को सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार के साथ बैठक कर उन्हें रिपोर्ट दें।
स्टांप वादों के शत-प्रतिशत निस्तारण के लिए एसडीएम को निर्देश दिए कि वे स्वयं मौका मुआयना कर प्रकरणों को निस्तारित कराएं।