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मरीजों पर भारी पड़ रही स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, लौट रहे मरीज

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फोटो- 21- गोंडा के पीएचसी मंगुरा बाजार में बिखरा सामान। संवाद - फोटो : GONDA
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बेलसर (गोंडा)। तमाम प्रयासों के बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं। इसका दंश ग्रामीण क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना न पड़े इसके लिए सीएचसी-पीएचसी का संचालन किया गया है। मगर लापरवाही के कारण ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीज परेशान होकर झोलाछाप की शरण में जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
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मामला सीएचसी परसपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंगुरा बाजार का है। जहां पर पिछले एक सप्ताह से चिकित्सक के न आने से मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। मंगलवार की दोपहर 1.45 पर रोली दुबे, रुचि, ललिता पीएचसी पर दवा लेने पहुंचीं, लेकिन कोई डॉक्टर नहीं मिला। पीएचसी की रंगाई, पुताई करने वाले एक मजदूर ने बताया कि एक सप्ताह से कोई नहीं आता। पीएचसी मंगुरा बाजार के जिम्मे ढोंगवा, राजापुर, भोरई पुरवा, कोडरी, अवरता, बंधुनाहिया, सुसुंडा, रघुवीर पुरवा, बंदरापुर, नीरपुर खयाला, नरदा, भैसहा, धुंधा पुरवा, खजुरी, कपनी, बकसैला, धमरैया, सालपुर पाठक, रामनेवाज पुरवा, मन्नीपुरवा, मछरहिया, भवानी बख्श पुरवा की करीब 25 हजार आबादी की स्वास्थ्य सेवा है, लेकिन डॉक्टर के न होने से लोगों को सस्ता व निशुल्क इलाज का सपना टूट रहा है। एसीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल ने बताया कि डॉक्टर का ट्रांसफर होने से दिक्कत हुई है ,लेकिन डॉक्टर न आने की स्थिति में फार्मासिस्ट को ही पीएचसी पर रहना चाहिए। कहा कि प्रकरण की जानकारी हुई है व्यवस्था की जाएगी।
आयुष किट के वितरण पर लगी रोक
-राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंगुरा में आयुष किट पर वितरण पर रोक लगा दी गई है। यहां पर मरीजों को च्यवनप्राश भी नहीं दिया जा रहा। कोरोना को लेकर चिकित्सालय में काढ़ा, चूर्ण, नाक में डालने वाली दवा दी जाती थी। काफी संख्या में लोगों को लाभ मिलता था। फार्मासिस्ट रुद्र नारायण पांडेय ने बताया कि किट रखी है, लेकिन वितरण पर रोक लगा दी गई है। बताया कि किट का वितरण चुनाव में आने वाली पोलिंग पार्टियों को किया जाएगा। यहां पर तैनात रहीं प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. निशा गुप्ता की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में एक सप्ताह पूर्व लगाई गई है। यहां पर भी एक सप्ताह से चिकित्साधिकारी की कुर्सी खाली है।
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