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कचरे से सरोबोर हो गई ऐतिहासिक टेढ़ी नदी

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19द्दस्रड्डश्च4-गोंडा के कटरा बाजार में पास टेढी नदी में जमा कचरा। - फोटो : GONDA
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गोंडा। चित्तौरा झील से निकली टेढ़ी नदी पयागपुर, हुजूरपुर के मैदानी क्षेत्रों से होकर सरयू में मिलती है। कुछ वर्ष पूर्व लोग इस नदी से पीने का पानी भरते थे, लेकिन अब नगर पंचायत की अव्यवस्था के चलते नदी में नगर का गंदा पानी ही नहीं कचरा फेंकने के कारण केवल नदी ही नहीं प्रदूषित हुई है, बल्कि नगर का वातावरण भी दूषित होता जा रहा है।
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नगर में चार घाट हैं जिसमें से एक प्रमुख घाट ऐसा था जहां लोग नहाने से लेकर कपड़ा धोने का काम करते थे और शादी विवाह के अवसर पर धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन हुआ करते थे। लेकिन देखरेख के अभाव में वह अपना स्वरूप खोते जा रहे हैं।
राम जानकी मंदिर परिसर के पास बना चतुर्भुजी घाट पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका हैं। लोगों ने अतिक्रमण कर अपने अपने आशियाने बनाने शुरू कर दिए हैं। उधर नगर पंचायत ने भी नगर के नाले का गंदा पानी मंदिर परिसर के रास्ते सीधे घाट के बगल नदी में गिरा दिया है, जो कभी नगर में स्थित तालाब में जाया करता था।
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गंदा नाले का पानी नदी में गिरने से उसकी सुंदरता व पवित्रता खत्म होने के कगार पर है। नगर के छेदी साहू, आलोक कुमार, विजय कुमार, विकास रस्तोगी, नितिन रस्तोगी, बेनीमाधव गुप्ता आदि दर्जनों लोगों सहित विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष देवी प्रसाद ने बताया कि नदी का अस्तित्व बचाने के लिए हम लोग जिलाधिकारी को पत्र देकर नगर के नाले को नदी में न गिरने की मांग करेंगे।
वहीं हिंदु युवा वाहिनी के ब्लाक अध्यक्ष पप्पू पांडे ने बताया कि संगठन मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से अवगत कराकर नदी की स्वच्छता के लिए नाले को बंद कराने के लिए मांग करेगा।
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