गोंडा। कोरोना संक्रमण काल में नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को टीका लगान के लिए गुरुवार से आशा बहू व एएनएम मुहिम की शुरुआत करेंगी। जिसके तहत स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित लोगों की सूची तैयार कर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर देंगी। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले एक साल में नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। गर्भवती महिलाएं और जन्म से दो साल तक के बच्चों को टिटनेस सहित सात प्रकार के टीके नहीं लग पाए हैं। मिशन इंद्रधनुष की तैयारियों को लेकर मंगलवार को निजी होटल में कार्यशाला आयोजित की गई। जिला व महिला अस्पताल के अधीक्षकों के साथ सीएचसी अधीक्षकों के साथ वृृहद टीकाकरण अभियान की कार्ययोजना तैयार की गई।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. जयगोविंद ने कहा कि अगले महीने मे चलने वाले टीकाकरण अभियान के पहले नियमित टीकाकरण से वंचित लोगों का सर्वे कराया जाएगा। 24 फरवरी से 26 फरवरी तक आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित लोगों की सूची तैयार करेंगी। एसीएमओ ने कहा कि सर्वे के बाद निर्धारित किया जाएगा कि किस विकासखंड में कितने टीकाकरण के सत्र चलाए जाएंगे। 23 फरवरी को विकासखंड स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर एएनएम व आशा कार्यकर्ताओं को सर्वे करने का निर्देश दिया जाएगा। सात मार्च से जिले में नियमित टीकाकरण का वृहद अभियान मिशन इंद्रधनुष चलाया जाएगा।
इन बीमारियों से बचाव को लगते हैं टीके
मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती व जन्म से दो साल तक बच्चों को काली खांसी, टिटनेस, गला घोंटू, पोलियो, पीलिया, टीबी और दिमागी बुखार से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं । इस बार मिशन इंद्रधनुष अभियान सात मार्च से 14 मार्च तक चलेगा।