नौ साल पहले जिस बंधे का निर्माण किसानों की जमीनों को अधिग्रहीत करके किया गया, उसका मुआवजा आज तक किसानों को नहीं मिला है। उस वक्त भी सपा की सरकार थी और अब भी।
इसे लेकर कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने जिलाधिकारी के माध्यम से एक पत्र सूबे के मुख्यमंत्री को भेजकर किसानों से ली गई जमीन के बदले में उन्हें वर्ष 2015 के सर्किल रेट से 14 फीसदी ब्याज के साथ मुआवजा दिए जाने की मांग की है। सांसद ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो वह इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
सांसद कैसरगंज बृजभूषण शरण सिंह ने गुरुवार को जारी पत्र में कहा है कि वर्ष 2005 से वर्ष 2007 के बीच ग्राम सोनौली मोहम्मदपुर, ऐली, पसका के जिन 400 किसानों से तटबंध के निर्माण के लिए जमीनें ली गई। उन्हें आज तक मुआवजा नहीं मिला है। जिसके लिए सांसद ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूरे मामले की जांच कराते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
साथ ही मुआवजे में जिन किसानों की जमीनें अधिग्रहीत की गईं, उन्हें वर्ष 2015 के सर्किल रेट के अनुसार 14 फीसदी ब्याज के साथ मुआवजा दिलाए जाने की मांग उठाई है। इसके लिए सांसद ने एक पत्र जिलाधिकारी को भी दिया है।