गोंडा। सरकारी अनाज की कालाबाजारी गोंडा में आम है। गरीबों को मुफ्त में बंटने वाले अनाज पर माफियों की नजर रही है। करीब पांच सौ से अधिक लोगों ने मुफ्त में बंटने वाले अनाज को खुले बाजार में बेच कर गरीबों के निवाले पर डाका डाला है। उसकी जांच अभी चल ही रही है।
शनिवार की देर शाम तरबगंज तहसील क्षेत्र में दो ट्रक सरकारी अनाज को एक निजी राइस मिल के गोदाम में उतरते हुए पकड़ा गया। 956 बोरी अनाज की कीमत करीब दस लाख रुपए है। इस मामले में डीएम के आदेश पर संबंधित प्रभारी, राइस मिलर व ट्रांसपोर्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने बताया कि शनिवार देर रात सूचना मिली कि गोंडा एफसीआई गोदाम से बेलसर गोदाम के लिए अनाज लेकर निकली ट्रक गोदाम पर न जाकर एक निजी राइस मिल पर खड़ी है और सरकारी गल्ला वहीं उतारा जा रहा है। सूचना पर डीएम ने तत्काल एसडीएम तरबगंज, डीएसओ तथा प्रभारी डिप्टी आरएमओ को कार्रवाई के आदेश दिए।
तरबगंज के एसडीएम कुलदीप सिंह, डीएसओ सुंदर यादव तथा प्रभारी डिप्टी आरएमओ, प्रभारी निरीक्षक तरबगंज व चौकी इंचार्ज रगड़गंज जयहरि मिश्र ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने देखा कि बेलसर बाजार कस्बे में परसपुर रोड स्थित नारायण इंडस्ट्रीज पर ट्रक से अनाज उतारा जा रहा है। एसडीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि एफसीआई गोदाम से ट्रक द्वारा अनाज की उठान की गई थी, जिसे गंतव्य पर न ले जाकर गलत स्थान पर उतारा जा रहा था।
सूचना मिलने पर मौके पर टीम के साथ पहुंचकर कुल 956 बोरी अनाज बरामद किया गया। 556 बोरी अनाज एक राइस मिल पर उतारा जा चुका था तथा शेष उतारा जा रहा था। प्रकरण में क्षेत्र के प्रभारी खाद्य एवं विपणन निरीक्षक संदीप कुमार, ट्रांसपोर्टर लालजी निवासी आवास विकास एवं नारायण इंडस्ट्रीज के प्रोपराइटर विशाल सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी चौहानपुरवा बेलसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
एसडीएम के छापे में दो ट्रकों पर लदे 100-100 क्विंटल गेहूं उतारा जा रहा था, जबकि मौके पर गोदाम में 556 बोरी यानि 278 क्विंटल सरकारी गेहूं मिला। इससे यह साबित होता है कि सरकारी अनाज की आपूर्ति सरकारी गोदाम में न होकर कालाबाजारी के लिए यहां उतारा जा रहा था।
यह निजी गोदाम सरकारी गोदाम से मात्र 200 मीटर दूरी पर है। प्रभारी डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार ने बताया कि 16 अक्टूबर को दोनों ट्रकों पर एसडब्लूसी गोदाम से 200-200 बोरी गेहूं लाद कर शाम 5-6 बजे के बीच रवाना किए गए थे।
गोंडा मुख्यालय से ब्लाक गोदाम तक करीब 25 किलोमीटर की दूरी के हिसाब से दोनों ट्रकों को गोदाम तक पहुंच जाना चाहिए था। लेकिन दोनों ट्रक समय से नहीं पहुंचे। शनिवार की रात करीब दस बजे दोनों ट्रकों की अनलोडिंग नारायण इंडस्ट्रीज के गोदाम में की जा रही थी। इसकी सूचना प्रभारी संदीप सिंह ने भी नहीं दी जिससे उनकी भूमिका भी संदिग्ध है।