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50 करोड़ से 160 ग्राम पंचायतों में बहेगी विकास की गंगा

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गोंडा। पंचायत चुनाव से पहले वर्ष 2020 में 160 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है। अब इन ग्राम पंचायतों को समृद्ध बनाने के लिए पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, स्कूल भवन व खेल मैदान विकसित किए जाएंगे।
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इन ग्राम पंचायतों में विकास के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का बजट खर्च होना है। योजनाएं केंद्रीय पंचायत बजट के साथ ही पंचायतों में राज्य वित्त से आने वाले बजट व मनरेगा को जोड़कर तैयार किया गया है। बीती 2 अक्टूबर 2021 को हुई बैठकों में विकास के लिए योजनाएं तैयार हुई हैं, इसकी ऑनलाइन फीडिंग की गई है।
नई पंचायतों में विकास कार्य तेजी से कराया जाना है। पहले की पंचायतों से अलग होने के कारण नई पंचायतों में कई तरह की कमियां हैं। सामुदायिक शौचालय का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है।
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इसके लिए छह करोड़ की योजना बनी है। इसमें 2.60 लाख से स्वच्छ भारत मिशन से हर पंचायत को दिया गया है। इसके अलावा और बजट मनरेगा से जोड़कर पंचायतें खर्च करेंगी। 160 नई पंचायतों में करीब छह करोड़ का बजट खर्च होगा। खेल मैदान के विकास पर भी जोर दिया गया है।
जिसमें पांच लाख रुपये प्रति मैदान पर मनरेगा से खर्च हो सकेंगे। इस पर 8 करोड़ के करीब का बजट खर्च होना है। जिन पंचायतों में पंचायत सचिवालय नहीं हैं। वहां पर 14 लाख के बजट से पंचायत सचिवालय बनेंगे। 20 करोड़ के करीब खर्च होंगे। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ ही पंचायतों के स्कूल भवनों के कायाकल्प का कार्य होना है।
नई पंचायतों के साथ ही अन्य 1054 पंचायतों में विकास के कार्य का खाका खींचा गया है। मार्च तक मनरेगा से ही 500 करोड़ के करीब के कार्य होने हैं। जिसमें तालाबों के जीर्णोद्धार, सड़कों के निर्माण के कार्य होने हैं। नए साल पर हर दिन पंचायतों में काम जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है। जिससे गांव के श्रमिकों को नियमित रोजगार मिल सकेगा।
मनरेगा से किसानों की आय को बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। पांच हजार से अधिक किसानों को पशुशेड, मुर्गीशेड, बकरी शेड की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। बंजर और ऊसर भूमियों को समतल करके खेती लायक बनाने का प्रयास हो रहा है। गरीब किसानों के खेतों सिंचाई की योजनाओं से जोड़ने की पहल हो रही है। गांवों में पार्कों के विकास पर जोर है।
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