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नदियों में उफान से गावों के लोग बेहाल

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02द्दस्रड्डश्च7-गोंडा के झिटनापुर में पानी में खड़े होकर प्रदर्शन करते लोग। - फोटो : GONDA
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गोंडा। बाढ़ जैसी स्थिति का दायरा अब बढ़ता जा रहा है। जिले के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों का घरों में रहना और बाहर निकलना दोनों दूभर है। शहर के आसपास गावों के साथ ही कई ऐसे गावों में बाढ़ जैसी स्थिति है जो नालों और नदियों के किनारे बसे हैं। कई स्कूलों के बाहर और अंदर जलभराव होने से शिक्षकों और छात्रों के सामने संकट है। झंझरी के मोकलपुर प्राइमरी स्कूल के बाहर जलभराव से रास्ता ही बंद हो गया है। लोगों को कीचड़ से जाना पड़ता है और वाहन दूसरी जगह खड़ी कर रहे हैं।
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झंझरी के कई गावों में बाढ़ जैसी समस्या हो गई है। स्कूलों में लोगों की मुश्किलें तो बढ़ी ही हैं। राहगिरों को जलभराव से समस्या हो रही है। सड़कें जलमग्न हो गई है, बड़गांव के नाथनगर में तालाब जैसी स्थिति है। लोगों को पानी में घुसकर आना पड़ता है। कपड़े निकाल कर लोग आते और जाते हैं।
वहीं, हलधरमऊ के छिटनापुर गांव की सड़क का भी हाल है। बालपुर कटरा मार्ग पर छिटनापुर रेलवे क्रासिंग के पास पुल टूट जाने से रोड़ पर पानी बह रहा है। छिटनापुर के साथ नंदापुरवा, बरुईगोंदहा, सरदारपुरवा, अशोक आदि गांवों में लोग परेशान हैं। क्षेत्र के शुभम महराज कहते हैं कि स्थिति बहुत ही खराब है। हादसे की आशंका बनी हुई है। यहां के पुजारी मिश्र, इंद्रदेव पांडे, राम प्रहलाद, विजय पाल, बाबू शुक्ल आदि ने मांग किया है कि पानी को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाया जाए।
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